Banka Lightning Tragedy : बौसी के भीखा गांव के बहियार में सोमवार को कई महिलाएं मिलकर धान की रोपाई कर रही थीं. इसी बीच अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिर गई. वज्रपात की चपेट में आने से स्वर्गीय सेठो मंडल की 21 वर्षीय पुत्री डोली कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं. उनके साथ खेत में काम कर रहीं पांच अन्य महिलाएं भी झुलस गईं. हादसे के बाद खेत में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई.
पांच महिलाएं अस्पताल में भर्ती
घटना में झपनियां गांव निवासी कौशल्या देवी (40), भीखा गांव निवासी रिंकू देवी (28), सुनीता देवी (32), लाखो देवी (30) और रीना देवी (35) गंभीर रूप से झुलस गईं. सभी घायलों को ग्रामीणों और परिजनों की मदद से तत्काल बौसी रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने जांच के बाद डोली कुमारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य महिलाओं का उपचार जारी है.
दो मासूम बेटियों के सिर से उठा मां का साया
डोली कुमारी की शादी मुंगेर जिले के असरगंज थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी आलोक कुमार से हुई थी. वह इन दिनों अपने मायके भीखा गांव आई हुई थीं. उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. डोली अपने पीछे चार वर्षीय बेटी अनन्या और दो वर्षीय बेटी आकांक्षा को छोड़ गई हैं. मां के असमय निधन से दोनों मासूम बच्चियों के सिर से ममता का साया उठ गया. अस्पताल और गांव में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही बौसी थाना पुलिस रेफरल अस्पताल पहुंची. पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया. मृतका के चाचा अनिरुद्ध मंडल के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. यह हादसा एक बार फिर मानसून के दौरान खेतों में काम करते समय आकाशीय बिजली से बचाव के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित करता है.
