डिजिटल होगा बांका का भूमि रिकॉर्ड: पुराने खतियान सुरक्षित करने के लिए राजस्व विभाग ने जनता से मांगा सहयोग

Land Records: बांका जिले के हजारों भू-स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है. कई गांवों के कैडस्ट्रल सर्वे (सीएस) खतियान राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध नहीं हैं या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. इनके डिजिटलीकरण के लिए लोगों से सहयोग मांगा गया है.

बांका से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट

Land Records: राज्य सरकार ने बांका जिले के भू-स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए बताया है कि जिले के कई राजस्व गांवों के कैडस्ट्रल सर्वे (सीएस) खतियान राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध नहीं हैं अथवा समय के साथ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. पुराने भूमि अभिलेखों को सुरक्षित रखने और उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए लोगों से अपने पास सुरक्षित मूल सीएस खतियान स्कैनिंग के लिए उपलब्ध कराने की अपील की गई है.

स्कैनिंग के बाद लौटाए जाएंगे मूल दस्तावेज

Land Records: राजस्व विभाग के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास अपने पूर्वजों का मूल सीएस खतियान सुरक्षित है, तो वह संबंधित अंचल कार्यालय अथवा जिला राजस्व अभिलेखागार में उसे स्कैनिंग के लिए उपलब्ध करा सकता है. स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मूल दस्तावेज पूरी सुरक्षा के साथ संबंधित व्यक्ति को वापस कर दिए जाएंगे.विभाग का कहना है कि इस पहल से दुर्लभ और ऐतिहासिक भूमि अभिलेखों का डिजिटल संरक्षण संभव होगा तथा भविष्य में जमीन से जुड़े मामलों के निष्पादन में आसानी होगी.

भूमि विवादों के समाधान में मिलेगी सुविधा

Land Records: राजस्व अधिकारियों ने बताया कि कई दशक पुराने अभिलेख समय के साथ नष्ट हो चुके हैं या इतनी खराब स्थिति में हैं कि उनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है. ऐसे में लोगों के सहयोग से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने पर भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, वंशावली सत्यापन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी.

इन अंचलों के गांव प्रभावित

विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित गांव चांदन अंचल में हैं.

अंचलप्रभावित मौजों की संख्या
चांदन124
फुल्लीडुमर39
बांका16
कटोरिया15
शंभूगंज10
बाराहाट6
बौंसी3
बेलहर2
धोरैया2
अमरपुर 3

भू-स्वामी क्या करें

यदि आपकी जमीन बांका जिले में है, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका गांव जारी सूची में शामिल है या नहीं. यदि आपके पास अपने पूर्वजों का मूल सीएस खतियान सुरक्षित है, तो उसे संबंधित अंचल कार्यालय या जिला राजस्व अभिलेखागार में स्कैनिंग के लिए उपलब्ध कराएं. इससे पुराने भूमि अभिलेखों का संरक्षण होगा और भविष्य में जमीन संबंधी कार्यों में आम लोगों को भी लाभ मिलेगा.राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल अभिलेखों के संरक्षण और डिजिटलीकरण के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. लोगों से बिना किसी संकोच के सहयोग करने की अपील की गई है.

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Published by: Pintu Pranav

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