बांका, रजौन. शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद खैरा-बामदेव मुख्य मार्ग पर खैरा गांव के समीप कतरिया नदी में निर्माणाधीन पुल का वैकल्पिक डायवर्सन तेज पानी के बहाव में ध्वस्त हो गया. डायवर्सन टूटने से आसपास के कई गांवों का रजौन प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क भंग हो गया है. दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. आवागमन बाधित होने के कारण लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है.
तीन से चार घंटे की मूसलाधार बारिश से अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
शनिवार को लगातार तीन से चार घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण कतरिया नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. तेज बहाव के दबाव में खैरा गांव के समीप निर्माणाधीन पुल के लिए बनाया गया वैकल्पिक डायवर्सन पानी में टूटकर बह गया. डायवर्सन के बह जाने के बाद मुख्य मार्ग से होकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचना मुश्किल हो गया है.
जान जोखिम में डालकर पानी पार कर रहे बाइक सवार
डायवर्सन टूटने के बाद कुछ बाइक सवार मजबूरी में पानी के तेज बहाव के बीच से गुजरने का प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह पानी पार करना बेहद जोखिम भरा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने प्रशासन से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कराने और आवागमन के लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है.
राजडाड नदी का डायवर्सन भी बढ़ते पानी के दबाव में
इसी मार्ग पर राजडाड नदी के ऊपर बना डायवर्सन भी लगातार बढ़ रहे पानी के दबाव से कमजोर हो रहा है. ग्रामीणों के अनुसार यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो इसके भी बह जाने की आशंका है. ऐसे में खैरा-बामदेव मार्ग पर आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है.
कई गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी
कतरिया नदी का डायवर्सन टूटने से मिर्जापुर, भदवा, मुरादपुर, चकझोरा, तिलकपुर, सोहेली, बामदेव, चकपरासी, गौतार, लकड़ा, धर्माचक, झिकटा और रानीटीकर समेत कई गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. इन गांवों के लोगों को अब रजौन प्रखंड मुख्यालय आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है.
बामदेव-पड़घड़ी और हरणा नहर मार्ग का ले रहे सहारा
डायवर्सन टूटने के बाद ग्रामीण बामदेव-पड़घड़ी मार्ग से होकर प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे हैं. वहीं कुछ लोग मुरादपुर मोड़ के समीप हरणा प्रशाखा नहर के रास्ते से भी आवागमन कर रहे हैं. इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है और समय भी अधिक लग रहा है.
ग्रामीणों ने अविलंब मरम्मत की मांग की
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से कतरिया नदी के टूटे हुए डायवर्सन की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि डायवर्सन की जल्द मरम्मत होने से प्रभावित गांवों का प्रखंड मुख्यालय से आवागमन फिर से सामान्य हो सकेगा. साथ ही राजडाड नदी के डायवर्सन की भी तत्काल जांच और सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है.
