धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समस्त पापों का नाश करने वाली इस एकादशी तिथि पर महिलाओं और पुरुषों ने निर्जला व फलाहार व्रत रखकर विशेष अनुष्ठान किए. कटोरिया बाजार से लेकर सुईया और चांदन तक के ग्रामीण इलाकों के मंदिर पूरे दिन वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटियों की गूंज से भक्तिमय बने रहे.
समस्त पापों के क्षय और सुख-समृद्धि के लिए की पूजा
योगिनी एकादशी को लेकर सनातनी धर्मावलंबियों में विशेष उत्साह देखा गया. स्थानीय पुरोहितों के अनुसार, इस एकादशी का व्रत रखने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख, शांति व समृद्धि का वास होता है. इसी कामना के साथ तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर भगवान विष्णु का पंचामृत स्नान कराया, तुलसी दल अर्पित किया और हरि कीर्तन में भाग लिया. वहीं, महादेव के भक्तों ने भी शिवलिंग पर गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाकर विशेष दुग्धाभिषेक किया.
इन प्रमुख मंदिरों में दिनभर लगा रहा भक्तों का तांता
कटोरिया प्रखंड और इसके सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रमुख देवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं. विशेषकर निम्नलिखित धार्मिक स्थलों पर उत्सव जैसा माहौल रहा:
- कटोरिया बाजार के थाना रोड स्थित ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी एवं शिवमंदिर.
- कठौन शिव मंदिर और आइडियल होली मिशन के समीप स्थित शिव मंदिर.
- पिंडरा पहाड़ पर स्थित बाबा पहाड़नाथ मंदिर.
- कांवरिया धर्मशाला परिसर के बाबा कामेश्वरनाथ धाम.
इसके अलावा लालपुर, भैरोगंज, सुढियाझाझा, जयपुर, जमदाहा, सुईया, तेतरिया और चांदन प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने कर्तन-भजन कर पूरा समय भक्ति में व्यतीत किया.
भक्ति व उत्साह के साथ संपन्न हुआ पर्व
शाम के समय मंदिरों में भव्य महाआरती और विशेष श्रृंगार दर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने दीपदान कर सुख-समृद्धि की मन्नतें मांगी. सुईया और चांदन के कांवरिया मार्ग पर स्थित मंदिरों में भी स्थानीय भक्तों की सक्रियता से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा, जिससे इस वर्ष की योगिनी एकादशी श्रद्धा, उल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण के साथ संपन्न हुई.
