Kanwariya Safety : श्रावणी मेला के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित यात्रा को लेकर बांका जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. इसी कड़ी में पूरे कांवरिया पथ पर प्रशिक्षित आपदा मित्रों की तैनाती की गई है. ये आपदा मित्र अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में दिन-रात मुस्तैद रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रहते हैं.
संवेदनशील स्थानों पर रखी जा रही विशेष नजर
कांवरिया पथ से सटे पोखरों, नदियों, तालाबों, ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर आपदा मित्र विशेष निगरानी कर रहे हैं. वे कांवरियों को जोखिम वाले स्थानों पर जाने से रोकने के साथ सुरक्षित मार्ग से यात्रा करने के लिए लगातार जागरूक भी कर रहे हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने और फिसलन की आशंका को देखते हुए उनकी जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.
दुर्घटना और सर्पदंश में तुरंत मिल रही सहायता
कांवरिया पथ के जमुआ मोड़ के समीप तैनात आपदा मित्र तारकेश्वर यादव ने बताया कि यदि किसी कांवरिया की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है, कोई दुर्घटना हो जाती है या सर्पदंश अथवा बिच्छू के दंश जैसी घटना सामने आती है, तो तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाता है. आवश्यकता पड़ने पर एंबुलेंस बुलाकर घायल या बीमार श्रद्धालु को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाती है.
12-12 घंटे की शिफ्ट में निभा रहे जिम्मेदारी
जिला प्रशासन ने सभी आपदा मित्रों को पहचान पत्र उपलब्ध कराया है, ताकि मेला ड्यूटी के दौरान उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके. कांवरिया पथ पर उनकी तैनाती 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में की गई है. इससे पूरे 24 घंटे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रहती है.
सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन की विशेष तैयारी
श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है. पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन और आपदा मित्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ड्यूटी पर तैनात आपदा मित्रों या प्रशासनिक कर्मियों से संपर्क करें.
