कटोरिया (बांका). श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज से बाबाधाम जाने वाले कांवरियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा को लेकर बांका जिले के वन क्षेत्र में वन विभाग ने बेहतर इंतजाम किए हैं. जिले के करीब 6.3 किलोमीटर वन क्षेत्र से गुजरने वाले कांवरिया पथ पर सुगम आवागमन के साथ पेयजल, रोशनी और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है. वन विभाग की तैयारियों से कच्ची कांवरिया पथ पर पैदल यात्रा करने वाले शिवभक्तों को काफी राहत मिल रही है. सुविधा को तत्पर है वन विभाग बांका डीएफओ के निर्देशन में कटोरिया रेंजर विवेकानंद स्वामी की देखरेख में वन विभाग के क्षेत्र में कांवरियों की सुविधाओं को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं. कटोरिया फोरेस्टर अंकित गुप्ता एवं चंदन कुमार मंडल सहित सभी वनरक्षी और वनकर्मी सेवा व समर्पण भाव से कांवरिया पथ पर मुस्तैद हैं. कांवरियों की जरूरतों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो. तीन वाटिकाओं को किया गया आकर्षक व सुसज्जित वन विभाग द्वारा कांवरिया पथ पर निर्मित मां सीता अशोक वाटिका लोहटनियां, पंचवटी वाटिका देवासी एवं नवग्रह वाटिका हड़खार को भी साफ-सुथरा और सुसज्जित किया गया है. ये वाटिकाएं कांवरियों के लिए विश्राम स्थल के रूप में काफी उपयोगी साबित हो रही हैं. तेज धूप और थकान के बीच श्रद्धालु यहां कुछ देर रुककर आराम करते हैं और फिर अपनी बाबाधाम यात्रा पर आगे बढ़ते हैं. इन इलाकों से गुजरता है वन विभाग का कांवरिया पथ वन विभाग के क्षेत्र में जिलेबिया मोड़ से जिलेबिया पहाड़, शिवलोक से आमाटिल्हा, कोल्हुआ से इनारावरण, इनारावरण से भूलभुलैया तथा भूलभुलैया से दुम्मा बॉर्डर तक का कांवरिया पथ शामिल है. इन क्षेत्रों में कांवरियों की सुविधा के लिए पथ को सुगम बनाने के साथ पेयजल, रोशनी और विश्राम की व्यवस्था की गई है. वन विभाग की सक्रियता से जंगल के बीच कांवरियों की यात्रा न सिर्फ सुगम हो रही है, बल्कि श्रद्धालुओं को प्राकृतिक वातावरण में राहत और विश्राम का बेहतर अवसर भी मिल रहा है.
वन क्षेत्र में कांवरियों की राह हुई सुगम, पेयजल-रोशनी से लेकर विश्राम तक की मुकम्मल व्यवस्था

भगवान शिव.
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श्रावणी मेला के दौरान बांका के वन क्षेत्र में कांवरियों के लिए पेयजल, रोशनी और विश्राम की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। शिवभक्तों की यात्रा अब और भी सुगम होगी।