Shravani Mela 2026 Banka Preparation : डीएम अंशुल अग्रवाल और एसपी अमितेश कुमार ने धौरी, शिवलोक, जिलेबिया मोड़, अबरखा, कटोरिया और भैरोपुर तक कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया. प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले हर व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त हो जाए.
जीविका दीदियों की रसोई में भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर
जिलेबिया मोड़ स्थित सरकारी धर्मशाला में संचालित जीविका दीदियों की रसोई का निरीक्षण करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि कांवरिया श्रद्धालुओं को केवल स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन ही उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने रसोई परिसर में साफ-सफाई के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा भोजन तैयार करने और परोसने की पूरी प्रक्रिया को स्वच्छ रखने पर विशेष जोर दिया.
बिजली व्यवस्था और धर्मशालाओं में एकरूपता के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि कांवरिया पथ पर केवल उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और सुरक्षित विद्युत तारों का उपयोग किया जाए, ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना न हो. धर्मशालाओं में बेड पर अलग-अलग रंग की चादरें बिछी मिलने पर उन्होंने सभी बेड पर एक समान रंग की चादरें लगाने और उन्हें प्रतिदिन बदलने का निर्देश दिया.
हर धर्मशाला में दिखेंगे हेल्पलाइन और जरूरी संपर्क नंबर
कटोरिया जिला नियंत्रण कक्ष और अबरखा धर्मशाला के निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि पुलिस, चिकित्सा सेवा, एंबुलेंस, अग्निशमन दल, जिला नियंत्रण कक्ष और अन्य आपातकालीन सेवाओं के महत्वपूर्ण संपर्क नंबर प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं. साथ ही सूचना बोर्ड, साइनेज और आकर्षक बैनरों के माध्यम से धर्मशालाओं, टेंट सिटी, पार्किंग, चिकित्सा शिविर, पेयजल केंद्र और शौचालय जैसी सुविधाओं की जानकारी भी प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.
टेंट सिटी में बेडों के बीच पर्याप्त दूरी रखने का निर्देश
अबरखा धर्मशाला स्थित टेंट सिटी के निरीक्षण के दौरान डीएम ने बेडों के बीच कम दूरी होने पर नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक बेड के बीच पर्याप्त जगह छोड़ने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को आरामदायक वातावरण मिल सके और आपात स्थिति में आवाजाही में कोई बाधा न आए. निरीक्षण के अंत में डीएम ने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी विभाग तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ अपनी तैयारियां पूरी करें. श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
