बांका : हरितालिका तीज और चौरचन पर्व को लेकर रविवार को बांका शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजा सामग्री, फल, मिठाई और श्रृंगार की दुकानों पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही रही. तीज को लेकर महिलाओं ने साड़ी, सूट, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर समेत अन्य सामानों की खरीदारी की.
चौरचन और तीज को लेकर केला, नारियल, सेब, नाशपाती और अंगूर समेत विभिन्न फलों की भी जमकर बिक्री हुई. ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए शहर पहुंचे.
महंगाई के बीच आस्था पर भारी नहीं पड़ा कीमतों का असर
बाजार में महंगाई के बावजूद पर्व को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. लोगों ने अपनी जरूरत और परंपरा के अनुसार जमकर खरीदारी की.
मंडी में व्यापारियों और आम लोगों की सामान्य भीड़ रही. जिंसों की आवक सामान्य रहने के कारण अधिकांश खाद्यान्न के भाव में फिलहाल स्थिरता देखी गयी. वहीं दलहन, तेलहन, सरसों और मसालों समेत कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी बतायी जा रही है.
शहर के सब्जी बाजार में भी सुबह और शाम के समय खरीदारों की भीड़ रही. भीड़ के कारण गांधी चौक, शिवाजी चौक और अंबेडकर चौक समेत प्रमुख मार्गों पर रुक-रुककर जाम की स्थिति बनी रही.
ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ने से बढ़ रहे सामान के दाम
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, माल ढुलाई का खर्च बढ़ने का असर खाद्यान्न और अन्य सामानों की कीमतों पर पड़ रहा है. लंबी दूरी और ईंधन की कीमतों के कारण थोक से लेकर खुदरा कारोबारियों तक को अधिक भाड़ा देना पड़ रहा है.
बांका की मंडी में पूर्णिया के गुलाबबाग और कोलकाता की विभिन्न मंडियों से खाद्यान्न समेत अन्य जिंसों की आवक होती है. कारोबारियों के अनुसार, परिवहन खर्च बढ़ने का असर अंततः व्यापारियों के साथ आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है.
बांका मंडी में आज खाद्यान्न के भाव
| खाद्यान्न | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
| गेहूं | ₹2600 | ₹2650 |
| मक्का | ₹2100 | ₹2150 |
| चावल मंसूरी | ₹3250 | ₹3400 |
| चावल अरवा मोटा | ₹3100 | ₹3250 |
| चावल बासमती | ₹12,500 | ₹13,500 |
| मसूर दाल | ₹6500 | ₹7000 |
| मूंग दाल | ₹9650 | ₹9750 |
| अरहर दाल | ₹12,500 | ₹15,500 |
| गोटा चना | ₹6300 | ₹6500 |
| गोटा मूंग | ₹8500 | ₹9000 |
| पीली सरसों | ₹7300 | ₹7550 |
| सरसों तेल (15 लीटर) | ₹2570 | ₹2870 |
| आलू | ₹1200 | ₹1450 |
| प्याज | ₹4700 | ₹5000 |
| चीनी | ₹6000 | ₹6500 |
मंडी में आवक और मांग के अनुसार कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है.
