पंजवारा (बांका). हर घर नल का जल योजना बिहार सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए लाई गई थी, लेकिन धरातल पर इसकी तस्वीर प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता की कहानी बयां कर रही है. बांका जिले के पंजवारा पंचायत अंतर्गत गोविंदपुर गांव के वार्ड नंबर 10 में यह योजना पिछले पांच महीनों से पूरी तरह ठप पड़ी है. भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए त्राहिमाम करने वाले ग्रामीण अब बरसात के इस मौसम में भी बुनियादी जरूरत यानी पीने के पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं.
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं करायी मरम्मत
बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है. वहीं चालक आशुतोष कुमार ने बताया कि हमने संवेदक और जेई को कई बार फोन के माध्यम से इसकी जानकारी दी है और स्थानीय ठेकेदार से भी कई दफे बात की, लेकिन आश्वासन के सिवा आज तक कुछ नहीं मिला. विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान ही नहीं दे रहे हैं. ग्रामीणों में फूटा आक्रोश, पानी के लिए हाहाकार पिछले पांच महीनों से पानी की एक बूंद भी नसीब न होने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा अब फूट पड़ा है.शुद्ध पेयजल के लिए लोगों को गांव के दूर-दराज के अन्य स्रोतों या चापाकलों की खाक छाननी पड़ रही है. इस गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों में सोनु कुमार, बिनोद कुमार, छोटु कुमार, बबलु कुमार, रघुनन्दन, सुमन, देवेंद्र मंडल, राकेश कुमार, दिपनारायण मंडल, सुरेंद्र मंडल और संजय मंडल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के दिनों में पानी के लिए भारी कष्ट झेला और अब बरसात के मौसम में भी उनका यह दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है.लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे प्रखंड और जिला मुख्यालय का दरवाजा खटखटाने को विवश होंगे.
