किसानों ने जाना मधुमक्खी पालन की विधि

सभी किसान बंधुओ को प्रशिक्षण मे भाग लेने के लिए प्रमाण पत्र भी दिया गया.

प्रतिनिधि, बांका: आत्मा के तत्वावधान में दो दिवसीय मधुमक्खी पालन कर्मशाला का समापन गुरुवार को हो गया. किसानों ने पूरे धैर्य से पूरे प्रशिक्षण दौरान बताये जा रहे महत्वपूर्ण बातों को प्रशिक्षकों से सूना. किसानाें ने इसको अपनाने की बात बतायी. प्रशिक्षकों ने बताया कि शहद उत्पादन की सबसे अच्छी बात यह है कि इसको कोई भी कर सकता है. एक भूमिहीन कृषक भी मधुमक्खी पालन कर एक बक्से से कम से कम पांच हजार रुपये कमा सकता है. दूसरी सबसे बड़ी बात है की इसको करने मे आप कम समय में अच्छा प्रबंधन कर साथ मे कुछ और भी कर सकते हैं. कहने का तात्पर्य ये है की इसको आय वृद्धि का साधन बना हम दूसरे चीजों को साथ मे लेकर चल सकते हैं. यह सत्र विशेष कर सभी को मधु मक्खी के बक्से को, मधु के छत्ते को सामने से दिखाने के लिए प्रशिक्षण प्रशाल मे लाया गया. किसानों की उत्सुकता देखते ही बन रही थी. अंत में सभी किसान बंधुओ को प्रशिक्षण मे भाग लेने के लिए प्रमाण पत्र भी दिया गया. जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रशिक्षण मे आये हुए किसानों को हर संभव् मदद करने का भरोसा दिलाया.

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By Shubhash baidya

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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