पंजवारा. सरकार जहां एक ओर किसानों की आय बढ़ाने और खेत-खेत तक बिजली पहुंचाने के लिए कृषि योजनाओं का दावा कर रही है, वहीं पंजवारा में बिजली विभाग की लापरवाही ने इन दावों की पोल खोल दी है. यहां एक किसान को बिना बिजली कनेक्शन दिये ही 2935 रुपये का बिल थमा दिया गया है.
डेढ़ साल से कागजों में दौड़ रही बिजली
पंजवारा पंचायत निवासी किसान उत्तम कुमार मिश्रा ने 20 मई 2024 को सिंचाई के लिए कृषि बिजली कनेक्शन हेतु आवेदन किया था. किसान को उम्मीद थी कि खेत तक पोल गाड़कर तार खींचा जायेगा और मोटर चलाने के लिए बिजली मिलेगी, लेकिन आवेदन के करीब डेढ़ साल बाद भी जमीन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ.
बिना पोल-तार के भेज दिया बिल
हैरानी तब हुई जब विभाग की ओर से किसान को 2935 रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया. जबकि हकीकत यह है कि खेत में आज तक न तो बिजली का पोल लगाया गया है और न ही तार खींचा गया है. यहां तक कि मीटर भी नहीं लगाया गया है, फिर भी कागजों में कनेक्शन चालू दिखाया जा रहा है.
पीड़ित किसान ने कहा कि जब खेत में बिजली की सुविधा ही उपलब्ध नहीं करायी गयी, तो बिल किस आधार पर भेजा गया. उन्होंने इसे विभाग की लापरवाही बताते हुए कहा कि वे इसको लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.