विष्णुपुर में रामजन्म और अहिल्या उद्धार की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र के विष्णुपुर के बसुहारानाथ मंदिर परिसर विष्णुपुर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन वृंदावन से पधारे नंदलाल शास्त्री ने रामजन्म और अहिल्या उद्धार की कथा सुनाकर लोगों को भाव-विभोर कर दिया
By SHUBHASH BAIDYA | Updated at :
शंभुगंज.
शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र के विष्णुपुर के बसुहारानाथ मंदिर परिसर विष्णुपुर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन वृंदावन से पधारे नंदलाल शास्त्री ने रामजन्म और अहिल्या उद्धार की कथा सुनाकर लोगों को भाव-विभोर कर दिया. कथावाचक ने बताया कि दुष्टों का संहार और धर्म की स्थापना के लिये राम ने अयोध्या में जन्म लिया. बताया कि राजा दशरथ के तीन रानियों में एक भी संतान नहीं होने से चिंतिंत रहने लगे. फिर महर्षि वशिष्ठ के बताने पर राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया. यज्ञ के खीर का प्रसाद खाने के बाद तीनों रानियों से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई. कथावाचक ने प्रभु के बाल कांड, ताड़का बध कथा का वर्णन किया. बताया कि यज्ञ, हवन, ऋषि, मुनियों की रक्षा एवं धर्म की स्थापना के लिए प्रभु राम महर्षि विश्वामित्र के साथ निकल पड़े. जहां दुष्ट ताड़का का संहार किया. फिर ””गौतम ऋषि से श्रापित पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार किया. बताया कि जो मानव सच्चे मन से राम भजन करेगा अथवा प्रभु के चरण स्पर्श करेगा, उसका उद्धार निश्चित हैं. कथा के बीच – बीच में भजन सुन श्रोता झूमने पर विवश हो रहे हैं. आयोजन की सफलता में समस्त ग्रामीण सक्रिय हैं.