Bounsi Madhusudan Temple Toilet : धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मधुसूदन मंदिर परिसर के सामने मेला मैदान में पर्यटन विभाग ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त डीलक्स शौचालय का निर्माण कराया था. इसका उद्देश्य मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना था. लेकिन नियमित देखरेख के अभाव में यह सार्वजनिक सुविधा अब बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है.
गंदगी और दुर्गंध से लोग हो रहे परेशान
शौचालय परिसर में सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी और दुर्गंध फैली हुई है. हालत ऐसी है कि श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग इसका उपयोग करने से कतरा रहे हैं. विशेषकर बौंसी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां हजारों लोगों की भीड़ जुटती है, लेकिन मूलभूत सुविधा होने के बावजूद लोग वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने को मजबूर हो जाते हैं.
रखरखाव नहीं होने से बेकार हुई लाखों की योजना
स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय के निर्माण में आधुनिक फिटिंग्स और उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण लगाए गए थे. समय पर सफाई, मरम्मत और रखरखाव नहीं होने के कारण पूरी व्यवस्था धीरे-धीरे बेकार होती जा रही है. लोगों का आरोप है कि संबंधित एजेंसियों की उदासीनता के कारण सरकारी धन से तैयार यह सुविधा आमजन के लिए उपयोगी नहीं रह गई है.
स्थायी रखरखाव व्यवस्था की उठी मांग
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शौचालय की नियमित सफाई कराई जाए, क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत हो और इसके रखरखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि पर्यटन स्थल पर स्वच्छ और व्यवस्थित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, तभी क्षेत्र की पर्यटन छवि मजबूत होगी और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी.
मंदिर समिति को सौंपा गया है संचालन
जानकारी के अनुसार पर्यटन विभाग ने डीलक्स शौचालय के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी मधुसूदन मंदिर समिति को सौंप दी है. इस संबंध में रोपवे प्रबंधक मुकेश कुमार ने बताया कि यदि मंदिर समिति इसका समुचित संचालन और रखरखाव करने में सक्षम नहीं है, तो इसे पुनः पर्यटन विभाग को हस्तांतरित किया जा सकता है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग और मंदिर समिति इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा को फिर से उपयोगी बनाने के लिए कब ठोस कदम उठाते हैं.
