बौंसी नगर पंचायत क्षेत्र के पंडा टोला स्थित वार्ड संख्या-12 में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-12 इन दिनों बदहाली का शिकार है. जर्जर भवन और क्षतिग्रस्त छत के बीच केंद्र का संचालन होने से यहां आने वाले करीब 40 नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. भवन की छत पर लगे चदरे कई जगहों से उड़ चुके हैं और बड़े हिस्से क्षतिग्रस्त होने के कारण अंदर से खुले आसमान का नजारा दिखाई देता है.
बारिश में बच्चों को बैठाना भी हो जाता है मुश्किल
आंगनबाड़ी केंद्र में रोजाना बच्चों का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में कमजोर हो चुकी छत कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती है. बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. छत से पानी टपकने के कारण केंद्र के अंदर बच्चों को बैठाना तक मुश्किल हो जाता है. इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई और पोषण से जुड़ी गतिविधियां मजबूरी में जारी हैं.
केंद्र की सेविका अनिता कुमारी राय ने बताया कि भवन की छत करीब दो वर्षों से खराब है. जर्जर हिस्से की मरम्मत कराने के लिए संबंधित विभाग को कई बार लिखित आवेदन दिया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.
मरम्मत के इंतजार में नौनिहाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल का महत्वपूर्ण केंद्र है. ऐसे में भवन की बदहाल स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है. लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल भवन का निरीक्षण कराने, क्षतिग्रस्त छत की मरम्मत कराने और बच्चों के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय विभाग को समय रहते इस समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि नौनिहाल सुरक्षित माहौल में आंगनबाड़ी केंद्र आ सकें.
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