पानी के दबाव से टूटा नहर, फसल को हो रहा नुकसान

कैरी पंचायत अंतर्गत श्यामपुर गांव के समीप करीब 20 फीट चौड़ाई में नहर टूट गया है.

बौंसी. लगातार हो रही बारिश से सिंचाई विभाग के नहरों में भी बारिश के पानी का दबाव शुरू हो गया है, जिसकी वजह से शुक्रवार को कैरी पंचायत अंतर्गत श्यामपुर गांव के समीप करीब 20 फीट चौड़ाई में नहर टूट गया है. नहर के टूटने से कैरी गांव सहित आसपास के इलाकों के धान का बिचड़ा पूरी तरह जलमग्न हो गया है. ऐसे में यह बिचड़ा खराब भी हो सकता है और धान की फसल लगने से पहले ही बर्बाद हो जायेगी. रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से विभिन्न इलाकों में पानी बढ़ता जा रहा है. स्थानीय किसानों ने अविलंब नहर की मरम्मत के साथ-साथ फसल के नुकसान की भरपाई की भी मांग की है.

बौंसी बाजार में जगह-जगह जलजमाव से दुकानदार परेशान

लगातार बारिश से जहां नदियां तूफान पर है, वहीं नगर पंचायत के बौंसी बाजार में भी जगह-जगह जलजमाव हो जाने से दुकानदारों की परेशानी बढ़ गयी है. सबसे ज्यादा दिक्कत गांधी चौक से स्टेशन की ओर जाने वाली रास्ते के किनारे के दुकानदारों को हुई है. बताया जाता है कि यहां पर पीसीसी सड़क के निर्माण के समय दोनों ओर नाला का निर्माण नहीं कराया गया था. जिसके कारण सड़क ऊंची हो गयी और अब बारिश की वजह से किनारे में लगाये दुकानों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है. जिसके कारण दुकानदारों का व्यापार तो ठप हुआ ही है. जलजमाव से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. स्थानीय दुकानदारों ने सड़क निर्माण के समय भी जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने की बात कही थी, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से दुकानदार परेशान दिख रहे हैं. स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत जिला पदाधिकारी से करने की बात कही है.

मिश्राचक गांव बना टापू

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ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी

प्रखंड क्षेत्र में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से सुखनिया, चीर, चांदन सहित अन्य नदियां पूरे उफान पर है. नदियों के निकटवर्ती इलाकों में पानी आ जाने से खेतों में पानी पहुंच चुका है, जिसकी वजह से फसल भी खराब हो रही है. सबसे खराब स्थिति डहुआ पंचायत के मिश्राचक गांव की है. चारों ओर से नदी के क्षेत्र से घिरे इस गांव में इन दिनों लोगों का आना-जाना मुश्किल हो चुका है. गांव तक आवागमन बंद हो चुका है. गांव जाने के लिए पुल नहीं रहने के कारण मुश्किल लोगों की और बढ़ गयी है. सुखनिया नदी पर करीब चार फीट से ज्यादा पानी तेज रफ्तार से बह रहा है. हालांकि इसके बावजूद भी कई लोग जान जोखिम में डालकर उसे पार कर रहे हैं. पैदल इस बहती नदी को पार करना बड़ी लापरवाही है, क्योंकि अचानक कभी भी कोई हादसा हो सकता है. जलस्तर अचानक बढ़ा तो लोग इसमें बह सकते हैं. नदी में बाढ़ आने की स्थिति में यह गांव टापू बन गया है. फिलहाल अभी तक ऐसी स्थिति बनी हुई है कि अगर लगातार बारिश हुई तो इस गांव में जा पाना लोगों के लिए मुश्किल है. यहां के निवासी रमन मिश्रा, कन्हैया कुमार, हेमंत मिश्रा सहित अन्य ने बताया कि पुल नहीं रहने के कारण गांव का संपर्क बाजार से पूरी तरह टूट चुका है. अब जब तक नदी का जलस्तर कम नहीं होगा, तब तक उस पार जाना मुश्किल है. हालांकि जलस्तर घटने के बाद लोग आवागमन चालू कर सकते हैं.

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By SHUBHASH BAIDYA

SHUBHASH BAIDYA is a contributor at Prabhat Khabar.

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