चांदन की बेटी विद्या ने रचा इतिहास, 70वीं बीपीएससी में बनीं रूरल डेवलपमेंट ऑफिसर

BPSC Success Story: 10-12 घंटे की सेल्फ स्टडी, अटूट मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य ने दिलाई बड़ी सफलता, अब ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं चांदन की बेटी विद्या.

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

BPSC Success Story: बांका जिले के चांदन बाजार की बेटी कुमारी विद्या कृपा मूर्ति ने 70वींबीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है. राजद नेता आशुतोष कृपा मूर्ति और सुनीला कृपा मूर्ति की पुत्री विद्या का चयन रूरल डेवलपमेंट ऑफिसर (आरडीओ) पद पर हुआ है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार, समाज और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है. ग्रामीण परिवेश से निकलकर हासिल की गई यह सफलता आज युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गई है.

साधारण परिवार की बेटी ने असाधारण उपलब्धि की हासिल

चांदन बाजार के गांधी चौक निवासी विद्या कृपा मूर्ति ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया. उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की. उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि सफलता के लिए परिस्थितियां नहीं, बल्कि संकल्प और मेहनत मायने रखते हैं.

10 से 12 घंटे की सेल्फ स्टडी बनी सफलता की कुंजी

प्रभात खबर से बातचीत के दौरान विद्या ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक सेल्फ स्टडी कर परीक्षा की तैयारी की. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतर अध्ययन, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बेहद जरूरी है. उन्होंने तैयारी के दौरान अपने फोकस को कभी कमजोर नहीं पड़नेदिया.

माता-पिता व गुरुजनों के सहयोग को बताया सबसे बड़ी ताकत

विद्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और अभिभावकों को दिया. उन्होंने कहा कि परिवार का विश्वास और शिक्षकों का मार्गदर्शन हर कठिन समय में उनका संबल बना. जब भी चुनौतियां सामने आईं, परिवार और शिक्षकों के प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने की ऊर्जा दी.

युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए विद्या ने कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है. धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने की सबसे बड़ी पूंजी है.

घर से लेकर पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल

विद्या की सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया. उनके माता-पिता के अलावा चाचा आशीष कृपा मूर्ति, बहन अंजली, साक्षी और जयश्री सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें बधाई दी. वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने भी उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.

ग्रामीण बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

चांदन क्षेत्र के लोगों का मानना है कि विद्या की सफलता ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा लेकर आई है. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है. उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी.

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By Amit kumar sinh

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