बौसी, (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट
BPSC 70th Result: 70वींबीपीएससी परीक्षा के परिणाम ने बौंसी को गर्व करने का बड़ा अवसर दिया है. नगर पंचायत क्षेत्र के बंशीपुर गांव की बेटी खुशनुद खातून और बौंसी के एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के पुत्र अरविंद रंजन ने शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है.खुशनुद का चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) पद के लिए हुआ है, जबकि अरविंद रंजन ने 152वीं रैंक प्राप्त कर एसडीसी पद के लिए चयनित होकर एक और उपलब्धि अपने नाम की है. दोनों की सफलता से क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है.
चौथे प्रयास में खुशनुद ने लिखी सफलता की नयी कहानी
बंशीपुर निवासी किराना व्यवसायी उमर अंसारी की पुत्री खुशनुद खातून ने 70वींबीपीएससी परीक्षा में 291वीं रैंक हासिल की है. यह सफलता उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने चौथे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया. शुरुआती तीन प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमजोरियों को दूर करते हुए लगातार तैयारी जारी रखी.
परिवार के अनुसार खुशनुद ने पटना में रहकर लाइब्रेरी और अध्ययन केंद्रों में नियमित अध्ययन किया. सीमित संसाधनों के बीच स्वाध्याय को अपनी ताकत बनाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने परिस्थितियां बाधा नहीं बन सकतीं.
स्थानीय स्कूल से पढ़ाई, फिर प्रशासनिक सेवा का सपना
खुशनुद की प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों में हुई. उन्होंने एलएनडी बालिका प्रोजेक्ट विद्यालय, बौंसी से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की और बाद में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लेकर उन्होंने पटना में रहकर बीपीएससी की तैयारी शुरू की और आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया.
नौकरी के साथ तैयारी कर अरविंद ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
दूसरी ओर बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के पुत्र अरविंद रंजन ने 152वीं रैंक प्राप्त कर एसडीसी पद के लिए चयनित होकर नई उपलब्धि हासिल की है. वर्तमान में गया में राजस्व पदाधिकारी के रूप में कार्यरत अरविंद पहले से ही 69वींबीपीएससी बैच के अधिकारी हैं.
नौकरी की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने स्वाध्याय के माध्यम से अपनी तैयारी जारी रखी और लक्ष्य पर पूरा फोकस बनाए रखा. उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.
मेहनत, अनुशासन और धैर्य की जीत
अरविंद के पिता एवं बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि उनका पुत्र शुरू से ही पढ़ाई को लेकर अनुशासित रहा है. उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और अरविंद की उपलब्धि उसकी मेहनत, समर्पण और निरंतर अध्ययन का परिणाम है.
बधाइयों का लगा तांता, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
परिणाम घोषित होने के बाद दोनों परिवारों में खुशी का माहौल है. उनके आवास पर बधाई देने वालों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है. जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने दोनों सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि खुशनुद खातून और अरविंद रंजन की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. दोनों की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.
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