बाराहाट के चंगेरी गांव में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: 15 दिनों से जलापूर्ति ठप होने पर प्रदर्शन; जलमीनार निर्माण की मांग

Drinking Water Cricis: चंगेरी गांव में 15 दिनों से मोटर पंप खराब होने के कारण जलापूर्ति ठप है, जिससे 3000 से अधिक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं. भीषण गर्मी और उमस के बीच, ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग की शिथिलता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और स्थायी समाधान के रूप में जलमीनार निर्माण की मांग की है.

Drinking Water Cricis: चंगेरी गांव में मोटर पंप खराब होने के कारण पिछले 15 दिनों से तीन वार्डों की लगभग 3,000 की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है. भीषण गर्मी और उमस के बीच पेयजल की भारी किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने पीएचईडी (PHED) विभाग की शिथिलता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव में जलमीनार के निर्माण की मांग की है.

भीषण गर्मी में हैंडपंपों पर पानी के लिए मारामारी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि चंगेरी गांव के तीन बड़े वार्डों में नल-जल योजना पूरी तरह ठप पड़ी है. इस भीषण गर्मी के मौसम में पीने और रोजमर्रा के उपयोग के पानी के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है. गांव में गिने-चुने चालू हैंडपंपों (चापाकलों) पर सुबह से लेकर शाम तक पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगी रहती हैं और ग्रामीणों के बीच पानी के लिए आए दिन मारामारी व विवाद की स्थिति बनी रहती है. एक बाल्टी पानी के लिए महिलाओं और बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.

विभाग की लापरवाही: शिकायत के बाद भी अफसर मौन

चंगेरी गांव के मोटर पंप संचालक राजकुमार बगबै ने बताया कि जलापूर्ति ठप होने का मुख्य कारण मोटर का जल जाना है. उन्होंने कहा, "पिछले 15 दिनों से मोटर खराब पड़ी है. इस संबंध में मैंने खुद और ग्रामीणों ने मिलकर कई बार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कनीय अभियंता और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायत दी है. इसके बावजूद अब तक कोई भी अधिकारी या तकनीकी टीम समस्या का समाधान करने गांव नहीं पहुंची है." अधिकारियों की इसी उदासीनता के कारण वार्ड 2, 3 और 4 के घरों में पानी की सप्लाय पूरी तरह बंद है.

स्थायी समाधान के लिए जलमीनार निर्माण की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत वार्ड नंबर 3 में दो मोटरों के जरिए सीधे (डायरेक्ट सप्लाय) हर घर नल का जल पहुंचाया जाता है. बिना जलमीनार के सीधे मोटरों पर अत्यधिक दबाव होने के कारण मशीनें बार-बार फुंक जाती हैं या खराब हो जाती हैं, जिससे हर दूसरे-तीसरे महीने गांव में कृत्रिम जल संकट खड़ा हो जाता है.

ग्रामीणों की मांग है कि इस बार केवल मोटर की मरम्मत न की जाए, बल्कि वार्ड नंबर 3 में एक ऊंचे और बड़े जलमीनार (वाटर टावर) का निर्माण कराया जाए. जलमीनार बनने से पानी का भंडारण हो सकेगा और मोटरों पर लोड कम होगा, जिससे चंगेरी गांव की पानी की समस्या का स्थायी और पूर्ण समाधान हो जाएगा.

Drinking Water Cricis: प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हुईं महिलाएं

गुरुवार को प्रखंड प्रशासन के खिलाफ हुए इस विरोध प्रदर्शन में गांव के प्रकाश तांती, लट्टू तांती, मालती देवी, मनोरमा देवी, रूबी देवी सहित दर्जनों की संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण मौजूद थे. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर मोटर को दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और जलमीनार निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने और मुख्य सड़क जाम करने को बाध्य होंगे.

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लेखक के बारे में

By Ajay kumar jha

अजय कुमार झा प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बाराहाट (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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