बांका में 9 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का अलर्ट, किसानों को धान रोपनी जल्द पूरी करने की सलाह

Banka Weather Update : बांका जिले में मानसून मेहरबान है और अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. मौसम विभाग ने 9 अगस्त तक बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. किसानों को धान की रोपनी जल्द से जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है.

Banka Weather Update : बांका जिले में मानसून पूरी तरह मेहरबान है. मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहेंगे. जिले के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है. 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है.

येलो अलर्ट जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने भागलपुर, बांका समेत दक्षिण-पूर्वी बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी है. आपदा प्रबंधन विभाग ने भी अपील की है कि मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और मौसम से जुड़े अपडेट नियमित रूप से देखते रहें.

तापमान में नहीं होगा बड़ा बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. आर्द्रता 70 से 85 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है. अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, लेकिन बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर बना रह सकता है.

9 अगस्त तक बदला रहेगा मौसम का मिजाज

कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 9 अगस्त तक जिले में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा. इस दौरान एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. दक्षिण-पूर्वी दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है.

किसानों के लिए जरूरी सलाह, धान की रोपनी में न करें देरी

धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अगस्त के पहले सप्ताह में ही धान की रोपनी पूरी कर लें. अधिक देरी होने पर उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है. यदि रोपाई अभी बाकी है तो 18 से 25 दिन पुरानी स्वस्थ नर्सरी के पौधों का उपयोग करें और निर्धारित दूरी पर रोपाई करें. साथ ही सामान्य से अधिक स्वस्थ पौधों का रोपण करें, ताकि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके. विशेषज्ञों ने किसानों से गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खेतों में काम नहीं करने और मौसम को ध्यान में रखकर ही कृषि कार्य करने की अपील की है.


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लेखक के बारे में

By मदन कुमार

मदन कुमार प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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