शुक्रवार को बांका की मुख्य व्यवसायिक मंडी में खाद्यान्न और सब्जी की आवक तो सामान्य रही, जिससे रोजमर्रा की चीजों के भाव में भारी फेरबदल नहीं हुआ, लेकिन ट्रांसपोर्टेशन के संकट के चलते अंदरूनी तौर पर दरें उच्चतम स्तर पर बनी हुई हैं. लंबी दूरी तय करने और अधिक भाड़ा चुकाने की मजबूरी के कारण गेहूं, मक्का, आलू और प्याज के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.
पुल टूटने और महंगे डीजल ने बिगाड़ा बाजार का गणित
स्थानीय कारोबारियों और थोक व्यापारियों का कहना है कि भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की वजह से ट्रकों और मालवाहक वाहनों को काफी लंबा चक्कर लगाकर बांका पहुंचना पड़ रहा है. एक तरफ रूट लंबा होने और दूसरी तरफ ईंधन (डीजल) की ऊंची कीमतों के कारण ट्रांसपोर्टर्स ने भाड़ा काफी बढ़ा दिया है. इस बढ़े हुए माल ढुलाई खर्च का सीधा असर सीधे तौर पर खेती-किसानी और आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है. व्यापारियों के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में आपूर्ति व्यवस्था सुगम नहीं हुई, तो मांग बढ़ने पर कीमतें और चढ़ सकती हैं.
अनाज और दलहन मंडी का ताजा भाव (थोक दर प्रति क्विंटल)
शुक्रवार को बांका की मुख्य मंडी से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न खाद्यान्न, चावल, दाल और तेलहन की न्यूनतम और उच्चतम थोक कीमतें इस प्रकार दर्ज की गईं:
| खाद्यान्न/जिंस का नाम | न्यूनतम मूल्य (₹/क्विंटल) | उच्चतम मूल्य (₹/क्विंटल) |
| गेहूं | ₹2,600 | ₹2,650 |
| मक्का | ₹2,100 | ₹2,150 |
| मंसूरी चावल | ₹3,250 | ₹3,400 |
| अरवा मोटा चावल | ₹3,100 | ₹3,250 |
| बासमती चावल | ₹12,500 | ₹13,500 |
| मसूर दाल | ₹6,000 | ₹6,550 |
| मूंग दाल | ₹9,540 | ₹9,600 |
| अरहर (तुअर) दाल | ₹11,500 | ₹15,000 |
| गोटा चना | ₹6,200 | ₹6,400 |
| गोटा मूंग | ₹8,500 | ₹9,000 |
| पीला सरसों | ₹7,300 | ₹7,550 |
सरसों तेल और सब्जियों का हाल
- सरसों तेल (15 लीटर टीन): ब्रांड और गुणवत्ता के आधार पर बाजार में सरसों तेल का 15 लीटर का डिब्बा ₹2,070 से लेकर ₹2,470 के बीच बिक रहा है.
- आलू व प्याज: सब्जी मंडी में आलू की थोक कीमत ₹1,200 से ₹1,450 प्रति क्विंटल (₹12 से ₹14.5 प्रति किलो) रही, जबकि प्याज का भाव ₹1,800 से ₹1,900 प्रति क्विंटल (₹18 से ₹19 प्रति किलो) के बीच दर्ज किया गया. खुदरा बाजार तक पहुंचते-पहुंचते इन सब्जियों की कीमतें और अधिक हो जा रही हैं.
फिलहाल बाजार संतुलित स्थिति में जरूर दिख रहा है, लेकिन व्यापारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि परिवहन संकट जल्द दूर नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आम जनता को और अधिक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है.
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