बांका में महंगाई से राहत नहीं, फिर भी थमे अनाज के दाम, जानिए किस चीज के बढ़े भाव

Banka Mandi : क्या महंगाई का असर अब कम होने लगा है या आने वाले दिनों में फिर बढ़ सकती हैं कीमतें? बांका मंडी से आई ताजा रिपोर्ट आम लोग, किसानों और व्यापारियों के लिए कई अहम संकेत दे रही है.

बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट

Banka Mandi : बढ़ती महंगाई के बीच बांका जिले के लोगों के लिए फिलहाल कुछ राहत की खबर है. जिले की प्रमुख मंडी में खाद्यान्न और रोजमर्रा की अधिकांश वस्तुओं के दाम स्थिर बने हुए हैं. हालांकि दाल, तेल और मसालों की कीमतों में आई तेजी अब भी लोगों की जेब पर बोझ बनी हुई है. व्यापारियों का कहना है कि बाजार फिलहाल संतुलित स्थिति में है, लेकिन मौसम, आवक और परिवहन लागत के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.

खाद्यान्न के दाम स्थिर, लेकिन महंगाई की चिंता बरकरार

बांका की मंडी में शुक्रवार को कारोबार सामान्य रहा. खाद्यान्न समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता मांग के अनुरूप बनी हुई है. पिछले कुछ सप्ताह के दौरान जिन वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि देखी जा रही थी, उनमें फिलहाल स्थिरता दिखाई दे रही है. इसके बावजूद आम लोगों को पूरी राहत नहीं मिली है क्योंकि दलहन, तेलहन और मसालों की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.

सब्जी बाजार में आलू और प्याज के दाम लगातार ऊपर-नीचे हो रहे हैं. व्यापारियों के अनुसार फिलहाल बाजार में संतुलन बना हुआ है, लेकिन मांग बढ़ने या आवक कम होने की स्थिति में कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है.

विक्रमशिला सेतु संकट का बाजार पर असर

व्यापारियों का कहना है कि भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के ध्वस्त होने का असर बांका के बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है. बांका की मंडी में खाद्यान्न और अन्य जिंसों की बड़ी मात्रा पूर्णिया के गुलाबबाग और कोलकाता की मंडियों से आती है. पहले माल की ढुलाई अपेक्षाकृत आसान थी, लेकिन अब लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है.

इसके कारण परिवहन लागत बढ़ गई है. ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने भी व्यापारियों की परेशानी बढ़ाई है. माल ढुलाई का अतिरिक्त खर्च धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंच रहा है, जिसका असर वस्तुओं की कीमतों पर देखा जा रहा है.

दाल, तेल और मसालों ने बढ़ाई रसोई की चिंता

बाजार में सबसे ज्यादा तेजी दलहन, तेलहन और मसाला वर्ग की वस्तुओं में बनी हुई है. अरहर दाल, मूंग दाल और मसूर दाल के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. इसी तरह सरसों और सरसों तेल की कीमतों में भी मजबूती देखी जा रही है.

घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है. रसोई का खर्च पहले की तुलना में बढ़ा है और मध्यम वर्गीय परिवारों को अपने मासिक बजट में अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है.

मौसम पर टिकी बाजार की नजर

किसानों और व्यापारियों की निगाह अब आने वाले दिनों के मौसम पर है. यदि मौसम अनुकूल रहा और मंडियों में आवक सामान्य बनी रही तो कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है. लेकिन बारिश, परिवहन बाधाओं या आपूर्ति में कमी की स्थिति में दाम फिर बढ़ सकते हैं.

व्यापारियों का मानना है कि फिलहाल बाजार में घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन परिवहन खर्च और आपूर्ति व्यवस्था आने वाले समय में कीमतों की दिशा तय करेगी.

गेहूं-मक्का में स्थिरता, दालों में बनी तेजी

स्थानीय मंडी के ताजा भाव के अनुसार गेहूं 2600 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल और मक्का 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. मंसूरी चावल 3250 से 3400 रुपये तथा अरवा मोटा चावल 3100 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल के बीच उपलब्ध है.

अरहर दाल 11,500 से 15,000 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग दाल 9,540 से 9,600 रुपये और मसूर दाल 6,000 से 6,550 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है. पीली सरसों 7,300 से 7,550 रुपये प्रति क्विंटल तथा 15 लीटर सरसों तेल 2,070 से 2,470 रुपये तक पहुंच गया है. आलू और प्याज के दामों में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.

Also Read: 21 जून को सरकारी बसों में बिना टिकट सफर करेंगे नीट के छात्र, बिहार सीएम ने किया ऐलान

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >