Banka News : बांका जिले के कटोरिया क्षेत्र से गुजरने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला मार्ग पर इन दिनों आस्था और नशे की दो अलग-अलग तस्वीरें एक साथ दिखाई दे रही हैं. जहां एक ओर लाखों श्रद्धालु ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ कांवरियों द्वारा गांजा-भांग जैसे नशीले पदार्थों का सेवन किए जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं.
शनिवार को इनारावरण के समीप उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से पहुंचे कुछ कांवरिये खुलेआम गांजा का सेवन करते दिखाई दिए. इस दौरान ‘टन-टना टन, गांजा टान, एक चिलम में बाबाधाम’ जैसे नारे भी लगाए जा रहे थे, जिसने मेला क्षेत्र में नशे की समस्या को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
कांवरियों ने गांव से लाने की बात कही
मौके पर मौजूद कुछ कांवरियों ने बताया कि मेला क्षेत्र में मिलने वाले गांजा की गुणवत्ता उन्हें संतोषजनक नहीं लगती, इसलिए वे अपने गांव से ही इसकी व्यवस्था कर यात्रा पर आए हैं.
यह बयान इस बात की ओर संकेत करता है कि समस्या केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि बाहर से आने वाले कुछ श्रद्धालु भी नशीले पदार्थ अपने साथ लेकर पहुंच रहे हैं.
प्रशासन की निगरानी के बावजूद सामने आ रहे मामले
जिला प्रशासन का दावा है कि श्रावणी मेला क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
प्रशासनिक टीम मेला क्षेत्र में सक्रिय है और गांजा-भांग सहित अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की बात भी कही जा रही है.
इसके बावजूद कुछ स्थानों पर खुलेआम नशे का सेवन किए जाने की घटनाएं सामने आने से निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं.
नशे की हालत में बढ़ सकता है हादसे का खतरा
कांवर यात्रा के दौरान गांजा और भांग जैसे नशीले पदार्थों का सेवन कई बार श्रद्धालुओं के लिए गंभीर समस्या बन सकता है.
नशे की स्थिति में मानसिक संतुलन प्रभावित होने के साथ रास्ते में दुर्घटना, विवाद या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है.
स्थानीय लोगों के अनुसार दो दिन पहले भी एक कांवरिया नशीले पदार्थ के सेवन के बाद मानसिक रूप से असंतुलित हो गया था. उसे जमुआ मोड़ के समीप से इलाज के लिए कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था.
Banka News : नशामुक्त कांवरिया पथ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
श्रावणी मेला के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं. ऐसे में कांवरिया पथ को सुरक्षित, अनुशासित और नशामुक्त बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
स्थानीय लोगों का मानना है कि नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई दोनों को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता है, ताकि मेला क्षेत्र की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे.
