बाराहाट और पंजवारा पशु अस्पतालों में डॉक्टर नहीं मिलने पर विभाग सख्त, जिला पशुपालन पदाधिकारी ने की जांच

बांका के बाराहाट और पंजवारा पशु चिकित्सालयों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और मनमानी के चलते पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. जिला पशुपालन पदाधिकारी ने इन अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग ने लापरवाही बर्दाश्त न करने की सख्त हिदायत दी है.

Banka News: बांका जिले के बाराहाट और पंजवारा स्थित सरकारी पशु चिकित्सालयों में चिकित्सकों की कथित मनमानी और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने की शिकायत के बाद विभाग हरकत में आ गया. पशुपालकों की लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पशुपालन पदाधिकारी राजीव रंजन ने बुधवार को दोनों अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान बाराहाट में चिकित्सक के समय पर उपलब्ध नहीं रहने और पंजवारा अस्पताल का गेट बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई तथा संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है.

इलाज की उम्मीद में पहुंचे पशुपालक, घंटों इंतजार के बाद लौटे

बाराहाट पशु चिकित्सालय में बुधवार सुबह कई पशुपालक अपने बीमार पशुओं का इलाज कराने पहुंचे थे. ग्रामीणों के अनुसार करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद चिकित्सक उपलब्ध नहीं हुए, जिसके कारण कई लोगों को बिना इलाज कराए अपने पशुओं के साथ वापस लौटना पड़ा.

परेशान पशुपालकों ने पूरे मामले की शिकायत जिला पशुपालन पदाधिकारी राजीव रंजन से की. शिकायत मिलते ही उन्होंने स्वयं अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.

अस्पताल परिसर में आवास, फिर भी समय पर नहीं पहुंचे चिकित्सक

बाराहाट पशु चिकित्सालय में चिकित्सक मुकेश कुमार की तैनाती है. अधिकारियों के अनुसार चिकित्सालय परिसर में ही उनका सरकारी आवास भी स्थित है.

इसके बावजूद निर्धारित समय पर चिकित्सक के उपलब्ध नहीं रहने की शिकायत को जिला पशुपालन पदाधिकारी ने गंभीरता से लिया और मौके पर संबंधित चिकित्सक से पूछताछ की.

पंजवारा अस्पताल का गेट मिला बंद

निरीक्षण के दौरान पंजवारा स्थित पशु चिकित्सालय की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली. पशुपालकों के अनुसार सुबह करीब 9:30 बजे तक अस्पताल का गेट बंद था और वहां तैनात चिकित्सक मौजूद नहीं थे.

ग्रामीणों ने बंद अस्पताल की तस्वीर लेकर जिला पशुपालन पदाधिकारी को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी और कार्रवाई की मांग की.

महिला चिकित्सक से ली गई जानकारी

शिकायत मिलने के बाद जिला पशुपालन पदाधिकारी दोपहर बाद पंजवारा पशु चिकित्सालय भी पहुंचे. वहां उन्होंने तैनात महिला चिकित्सक नीशा कुमारी से पूरे मामले की जानकारी ली और अस्पताल संचालन व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में समय पर चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी

जिला पशुपालन पदाधिकारी राजीव रंजन ने स्पष्ट कहा कि पशुपालकों को किसी भी स्थिति में परेशानी नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि दोनों पशु चिकित्सालयों की जांच कर ली गई है और संबंधित चिकित्सकों को कड़ी हिदायत दी गई है कि अस्पताल निर्धारित समय पर खुले और मरीजों को समय पर उपचार मिले.

विभागीय कार्रवाई की तैयारी

राजीव रंजन ने बताया कि दोनों मामलों में संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभागीय स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

Banka News: पशुपालकों ने नियमित व्यवस्था की मांग की

स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सालय किसानों और पशुपालकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. समय पर डॉक्टर नहीं मिलने से पशुओं की बीमारी बढ़ जाती है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

ग्रामीणों ने मांग की है कि बाराहाट और पंजवारा दोनों अस्पतालों में नियमित चिकित्सीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी दोबारा न हो.

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लेखक के बारे में

By अजय कुमार झा

अजय कुमार झा प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बाराहाट (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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