बांका जिले के धोरैया प्रखंड अंतर्गत करहरिया पंचायत में घोघा-पंजवारा स्टेट हाईवे (SH-84) से जुड़ी बैजनाथपुर-बैदपुर ग्रामीण सड़क पर आवागमन की गंभीर समस्या का त्वरित समाधान हो गया है. पिछले दिनों हुई भारी बारिश और मिर्चीनी नदी में आए उफान के कारण नदी पर बनी पुलिया के ऊपर से तेज बहाव होने लगा था.
पानी के तेज दबाव से पुलिया के दोनों छोरों और अगल-बगल की मिट्टी का भारी कटाव हो गया, जिससे पुलिया बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी. सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे आधा दर्जन गांवों की आबादी मुख्य सड़क से कट गई थी.
प्रशासनिक तत्परता: डीएम के निर्देश पर तुरंत शुरू हुआ मरम्मत कार्य
पुलिया के टूटने और आवागमन ठप होने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई थीं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड राजद के पूर्व अध्यक्ष पप्पू यादव ने बांका के जिला पदाधिकारी (डीएम) को व्यक्तिगत रूप से मामले से अवगत कराया और तत्काल मरम्मत कराने का अनुरोध किया.
जिलाधिकारी ने मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) को अविलंब कार्रवाई का निर्देश दिया. डीएम के आदेश के बाद ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल बांका-2 के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुमार ने विभागीय टीम और मजदूरों को मौके पर उतारकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराया.
मजबूत भराव के बाद यातायात पूरी तरह बहाल
विभाग द्वारा कटाव वाले संवेदनशील हिस्सों पर बोल्डर, बालू की बोरियों और मिट्टी का सघन भराव कर पुलिया के एप्रोच और सतह को सुदृढ़ किया गया. मरम्मत कार्य तेजी से पूरा होते ही मार्ग पर दोपहिया, चारपहिया वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए आवागमन पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित कर दिया गया है.
बैदपुर और आसपास के ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
यह पुलिया क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाती है. इस मार्ग से होकर बैदपुर, रहमान कित्ता, रघुनीकित्ता, चपरी सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण दैनिक कार्यों, बाजार और अस्पताल जाने के लिए बाइक और गाड़ियों से आवाजाही करते हैं.
पुलिया के सुचारू हो जाने से स्थानीय ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया है और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई के लिए आभार जताया है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मरम्मत होने से बड़ा हादसा टल गया और उनकी रोजमर्रा की कनेक्टिविटी बहाल हो गई.
