पहली बार 200 एकड़ में होगी बेबी काॅर्न व स्वीट काॅर्न की खेती

किसानों की बदलेगी तकदीर

किसानों की बदलेगी तकदीर

प्रभात खास

किसानों को 75 फीसदी मिलेगा अनुदानित दर पर बीजप्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत होगी मक्के की नयी प्रजाति की होगी खेती

फोटो- बेबी कॉर्न

प्रतिनिधि, बांका

जलवायु परिवर्तन के इस दौर में परंपरागत खेती पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. अच्छी बात यह है कि किसान भी इस पर्यावरण के बदलते स्वरूप के प्रति सचेत हैं और जलवायु के अनुकूल खेती की ओर रुख कर रहे हैं. इस दिशा में बेबी कॉर्न व स्वीट कॉर्न की खेती से किसान समृद्ध बनेंगे, जो न केवल सभी मौसम में विकसित हो सकता है बल्कि किसानाें की तकदीर भी बदल सकता है. दरअसल, किसान अब परंपरागत खेती के इतर अच्छी आमदनी वाली खेती से जुड़ रहे हैं. इसका मूल कारण परंपरागत खेती की बढ़ती लागत और कम होती आमदनी है. ऐसे किसानों के लिए बहुत अच्छी खबर है कि जिले में इस बार बेबी काॅर्न व स्वीट काॅर्न की खेती की जायेगी. यह मक्का का ही रूप है. लेकिन, यह आज के बाजार के अनुसार विकसित किया गया है. विभागीय जानकारी के मुताबिक, बेबी काॅर्न 100 एकड़ व स्वीट काॅर्न 100 एकड़ यानी कुल 200 एकड़ में इस नयी प्रजाति की खेती जिले में पहली बार शुरू हो रही है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत खरीफ, गरमा व रबी तीनों सीजन में इसकी खेती होगी. यह फसल कम अवधि में तैयार हो जाती है. साथ ही बाजार में इसकी बिक्री अच्छी कीमत पर हो जाती है. इसका उपयोग अचार, सलाद, पिज्जा, खीर, सब्जी, सलाद आदि के रूप में की जा सकती है. किसान इसकी खेती कर इसे स्वरोजगार के रूप में अपना सकते हैं. वैज्ञानिकों के दृष्टिकोण से जिले में इसकी खेती के लिए अनुकूल वातावरण है. यहां की मिट्टी में यह तेजी से विकसित हो जायेगा. दोनों किस्म की खेती के लिए प्रखंड भी अलग-अलग चिह्नित किये गये हैं. बताया जाता है कि स्वीट कॉर्न का दाना मीठा होता है जो सूप के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है. पौष्टिकता की वजह से यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है.

11 क्विंटल बीज का होगा वितरण, मिलेगा अनुदान

बेबी काॅर्न व स्वीट काॅर्न की खेती में कुल मिलाकर 11 क्विंटल बीज की खपत होगी. किसानों को इस पर 75 फीसदी का अनुदान दिया जायेगा. दोनों का बीज काफी कीमती होता है. इसीलिए इस पर अनुदान के रूप में बड़ी राशि सरकार दे रही है, ताकि किसान कोा बोझ कम हो. जानकारी के मुताबिक, स्वीट काॅर्न की खेती में प्रति एकड़ तीन किलोग्राम बीज की खपत होगी. इसपर किसानों को प्रति किलोग्राम 75 फीसदी यानी 2250 रुपये अनुदान दिया जायेगा, जबकि बेबी काॅर्न की खेती में प्रति एकड़ आठ किलोग्राम बीज की जरूरत होगी. इसपर किसानों को 750 रुपये प्रति किलोग्राम बीज पर अनुदान दिया जायेगा. किसान अधिकतम पांच एकड़ में इसकी खेती कर सकते हैं.

इन प्रखंडों में होगी खेती

बेबी काॅर्न-

बौंसी, चांदन, फुल्लीडुमर व रजौन.

स्वीट काॅर्न-

अमरपुर, बांका, बाराहाट, बेलहर, धोरैया, कटोरिया व शंभुगंज कहते हैं अधिकारी जिले में बेबी काॅर्न व स्वीट काॅर्न की खेती की जायेगी. निर्धारित मानक के अनुसार किसानों को इसका लाभ दिया जायेगा. यह खेती किसानों के लिए काफी लाभप्रद सिद्ध होगा.

दीपक कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, बांकाB

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लेखक के बारे में

By Shubhash baidya

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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