अमरपुर. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 78वें बलिदान दिवस पर शुक्रवार को शोभानपुर स्थित गांधी आश्रम में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई. कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने आश्रम को समाज को नयी दिशा देने वाले वैचारिक चिंतन-मनन के केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही उम्मीद जतायी गयी कि आने वाले समय में यह आश्रम सामाजिक संवाद, रचनात्मक गतिविधियों और ग्रामोदय का मजबूत मंच बनेगा. इस मौके पर भागलपुर से गांधी स्मृति यात्रा पर निकले यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया तथा यात्रा की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी गयीं. यात्रा दल में डॉ मनोज कुमार, डॉ मनोज मीता एवं प्रसून लतांत शामिल थे. बताया गया कि यह गांधी स्मृति यात्रा झारखंड में छह फरवरी तक संचालित होगी. सभा में दिल्ली से पधारे राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, नई दिल्ली के पूर्व संयुक्त निदेशक उत्तम कुमार सिन्हा ने स्वतंत्रता संग्राम के दिनों को याद करते हुए कहा कि गांधी जी का इस क्षेत्र से गहरा नाता रहा है. आजादी की लड़ाई के समय इस इलाके के लोगों ने बापू की एक पुकार पर त्याग और बलिदान की मिसाल पेश की तथा ग्रामोद्योग को सशक्त आधार देने में अहम भूमिका निभायी. जिला परिषद सदस्य सुजाता वैद्य ने कहा कि आने वाले समय में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांधी आश्रम का समुचित और योजनाबद्ध विकास किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि आज समाज में संवाद की कमी महसूस की जा रही है, जिसे यह आश्रम भरने का कार्य कर रहा है. कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों और समाजसेवी कार्यकर्ताओं में शशिधर मंडल, सुधांशु भाई, अजीत यादव, सुरेश यादव, अजय पांडे, त्रिभुवन, प्रेमा, विभाष, धनंजय यादव, मनोज मरीक, शंकर मधुकर, हलधर मांझी सहित अन्य लोगों ने आश्रम के विकास को गति देने और रचनात्मक गतिविधियों को और सशक्त करने पर बल दिया. इसके पूर्व मौजूद लोगों ने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. कार्यक्रम का समापन गांधी जी के विचारों को आत्मसात कर समाज निर्माण के संकल्प के साथ किया गया.
शोभनपुर गांधी आश्रम बनेगा वैचारिक जागरण का केंद्र
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 78वें बलिदान दिवस पर शुक्रवार को शोभानपुर स्थित गांधी आश्रम में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई.
