अमरपुर के कुल्हरिया महादलित टोला में घरों में घुसा पानी, लोगों ने जताया आक्रोश

Drainage Crisis in Amarpur : बांका जिले के अमरपुर प्रखंड स्थित कुल्हरिया महादलित टोला में नाले की उड़ाही नहीं होने से हालात बदतर हो गए हैं. गंदा और बदबुदार पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जबकि नाले की निकासी पर हुए अतिक्रमण ने समस्या को और गंभीर बना दिया है. नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

अमरपुर (बांका) से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट

Banka News : अमरपुर प्रखंड की बैजुडीह पंचायत के कुल्हरिया महादलित टोला में जलनिकासी की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है. वार्ड संख्या तीन और छह के सैकड़ों परिवार महीनों से नाले के गंदे पानी और जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि नाले का बदबुदार पानी लोगों के घरों में प्रवेश करने लगा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन नारकीय बन गया है.

घरों तक पहुंचा नाले का पानी

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से नाले की नियमित उड़ाही नहीं कराई गई है. इसके कारण नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं और गंदा पानी गलियों से होते हुए घरों में घुस रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन भी नाले के बीच से गुजारी गई है. कई स्थानों पर पाइप फट जाने से नलों में कीचड़युक्त और दूषित पानी आने लगा है.

विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरे ग्रामीण

समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार सुबह मोहल्ले में प्रदर्शन कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन में शामिल रजिया देवी, सुनीता देवी, रीना देवी, सावित्री देवी, रूपा कुमारी, भिखारी दास, सोनू दास, विभाकर दास, मृत्युंजय दास, किशोर दास, संतोष दास और संजय दास समेत दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया.ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मोहल्ले के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर नाले की सफाई कराई, लेकिन निकासी स्थल पर अतिक्रमण होने के कारण कुछ ही दिनों में स्थिति फिर खराब हो जाती है.

अतिक्रमण बना सबसे बड़ी समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब छह-सात वर्ष पहले मुख्य सड़क के किनारे नाले के पानी की निकासी के लिए बड़ी डांढ़ का निर्माण कराया गया था. इससे जलनिकासी की समस्या काफी हद तक दूर हो गई थी. लेकिन बाद में कुछ लोगों ने वहां मिट्टी भरकर अतिक्रमण कर लिया और दुकानें बना लीं.अतिक्रमण के कारण नाले का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है, जिससे पूरे महादलित टोले में जलजमाव की समस्या बनी हुई है.

300 परिवारों पर संकट, मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान

ग्रामीणों के अनुसार वार्ड संख्या तीन और छह में करीब 300 महादलित परिवार रहते हैं. इन सभी को गंदे पानी और दुर्गंध के बीच जीवन बिताना पड़ रहा है. टोले में स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है.बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है तथा आवागमन तक मुश्किल हो जाता है.

डीएम के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों ने बताया कि 2 जून 2026 को बैजुडीह पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में इस समस्या को लेकर लिखित आवेदन दिया गया था. आवेदन पर जिला पदाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए अंचलाधिकारी को जांच कर समस्या का समाधान करने का निर्देश भी दिया था.इसके बावजूद अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही नाले की निकासी की व्यवस्था की गई. इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.

बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार जलजमाव के कारण मलेरिया, डेंगू, हैजा और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. लोगों ने प्रशासन से अविलंब अतिक्रमण हटाकर नाले की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि मोहल्ले के लोग स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर सकें.

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लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

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