बेलहर. प्रखंड स्थित धान क्रय केंद्र विभागीय पेच में फंस गया है. किसानों से न तो धान खरीद हो रही है और न ही खरीद की गयी धान का भुगतान हो रहा है. यहां कभी केंद्र प्रभारी को लेकर समस्या उठी तो कभी गोदाम की कमी, तो कभी मंसूरी धान नहीं लिये जाने की समस्या. […]
बेलहर. प्रखंड स्थित धान क्रय केंद्र विभागीय पेच में फंस गया है. किसानों से न तो धान खरीद हो रही है और न ही खरीद की गयी धान का भुगतान हो रहा है. यहां कभी केंद्र प्रभारी को लेकर समस्या उठी तो कभी गोदाम की कमी, तो कभी मंसूरी धान नहीं लिये जाने की समस्या.
केंद्र प्रभारी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी नीरज कुमार सिंह द्वारा इस्तीफा देकर चले जाने से किसानों द्वारा बेचे गये धान का भुगतान एक माह तक नहीं हो पाया और अब जब अमरपुर प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी सुबोध कुमार को बेलहर धान क्रय का प्रभार दिया गया है, तो प्रभार देने के लिए पूर्व बीसीओ के उपस्थित नहीं होने से एक अलग समस्या उत्पन्न हो गयी है.
मंगलवार को अमरपुर के बीसीओ बेलहर केंद्र का अतिरिक्त प्रभार लेने के लिए उपस्थित हुए, लेकिन यहां प्रभार देने वाले ही उपस्थित नहीं हुए. उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया. ऐसे में किसानों का हजारों क्विंटल धान पैक्स के माध्यम से मिलरों को दिया जा चुका है, लेकिन उसे रिसीव नहीं किये जाने के कारण राशि का भुगतान महीनों से फंसा हुआ है.
इन सभी स्थिति से एसएफसी एवं सहकारिता विभाग के सभी वरीय अधिकारी अवगत हैं. उसके बाद भी किसानों की सुविधा के लिए कोई कारगर उपाय नहीं किया जा रहा है. इससे किसानों से सभी पैक्स अध्यक्ष मुंह छिपाते नजर आ रहे हैं या नहीं, तो कोरा आश्वासन देकर समय की सीमा रेखा पार करने की कोशिश की जा रही है.