बेलहर : पैरगाहा चौक पर अपहरण के बाद पूर्व नक्सली बैजू यादव की हत्या का मूल कारण भूमि विवाद है. बैजू बेलहर के बेला का रहनेवाला था. लगभग एक वर्ष पूर्व जेल से बाहर निकलने के बाद उसने नक्सली संगठनों से नाता तोड़ लिया था और शांति से जी रहा था. परिजनों का आरोप है कि नक्सली संगठन से खुद को अलग करने के कारण नक्सली भी खफा थे. विरोधियों ने मिल कर पहले अपहरण कर लिया और बाद में उसकी हत्या कर दी. फिलहाल आरोपी फरार हैं. पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. बैजू यादव पर बेलहर व झाझा थाना में दर्जनों मामले दर्ज हैं जिसके तहत कई बार जेल भी जा चुका था.
हालांकि स्थानीय लोगों की मानें तो दो बार जेल जाने के बाद बैजू को अपराध की दुिनिया रास नहीं आया और वह फिर शांति से अपनी जिंदगी जीने लगा. लोगों का कहना है कि फिलहाल वह किसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त नहीं रहता था.
