फसल सहायता योजना से संबंधित 11789 आवेदनों का होगा पुनः सत्यापन

बिहार राज्य फसल सहायता योजना से संबंधित आवेदनों का पुनः सत्यापन कराया जायेगा. यह जांच बीते वर्ष रबी फसल से जुड़े 11789 आवेदनों की होनी है.

बांका.बिहार राज्य फसल सहायता योजना से संबंधित आवेदनों का पुनः सत्यापन कराया जायेगा. यह जांच बीते वर्ष रबी फसल से जुड़े 11789 आवेदनों की होनी है. सहकारिता विभाग के सचिव ने इस संबंध में डीएम को पत्र लिखा है. डीएम ने भी संबंधित अधिकारी को तय समय पर जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया है. दरअसल, बीते वर्ष रबी फसल में प्रमुख रूप से गेहूं के उत्पादन में क्षति होने पर किसानों ने फसल सहायता योजना के तहत क्षतिपूर्ति का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था. संबंधित प्रारंभ में आवेदनों का सत्यापन किसान सलाहकार से करायी गयी थी. लेकिन, किसान सलाहकार के सत्यापन रिपोर्ट में कई सारी विसंगतियां सामने आयी थी. लिहाजा, विभाग ने पुनः जांच कराने का निर्णय लिया है. विभागयी जानकारी के मुताबिक, सात दिन के अंदर कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक व सहायक तकनीकी प्रबंधक स्तर से इसकी जांच की जायेगी. इसके बाद संबंधित आवेदकों को सीधे खाते में क्षति पूर्ति की राशि भुगतान कर दी जायेगी. विभाग के अनुसार यह जांच अमरपुर, बौंसी, चांदन, कटोरिया, धोरैया, फुल्लीडुमर व शंभुगंज प्रखंड के 31 पंचायतों में की जायेगी.

अधिकतम दो एकड़ क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान

डीएम स्तर से आवेदनों का पुनः सत्यापन के लिए डीएम की अध्यक्षता में डीएलसीसी की बैठक होगी. बैठक में इसके लिए नोडल पदाधिकारी भी नामित किये जायेंगे. यह सत्यापन मोबाइल ऐप के माध्यम से सात दिन के अंदर की जायेगी.

जिला सहकारिता पदाधिकारी जैनुल आबदीन अंसारी ने कहा है कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत रबी 2022-23 मौसम योग्य ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों के पुनः सत्यापन व खरीफ 2023 मौसम के योग्य ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों का क्षेत्रीय सत्यापन का निर्देश प्राप्त हुआ है. यह जांच जिले के चिह्नित प्रखंड अंतर्गत 31 पंचायतों में करायी जायेगी. सत्यापन के उपरांत बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत अधिसूचित फसलों में क्षति पूर्ति के साथ अगली फसल के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा. थ्रेशहोल्ड और वास्तविक उपज में क्षति होने पर यह मुआवजा राशि दी जायेगी. किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर का क्षति पूर्ति की राशि सीधे बैंक खाते में भुगतान की जायेगी. 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर 10 हजार प्रति हेक्टेयर और 20 प्रतिशत तक क्षति होने पर 7500 रुपया की राशि प्रति हेक्टेयर भुगतान की जायेगी.

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By Prabhat khabar news desk

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