कैसे होगा शिशुओं का इलाज

बांका : सदर अस्पताल परिसर में नवनिर्मित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) जल्द ही शुरू हो जायेगी. नवजात शिशु के लिए बने इस अस्पताल में सभी तरह की आधुनिक उपचार की सुविधा मौजूद है. सब कुछ ठीक रहा तो यह अस्पताल एक सप्ताह के अंदर काम करना शुरू कर देगा. करीब 75 लाख की लागत […]

बांका : सदर अस्पताल परिसर में नवनिर्मित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) जल्द ही शुरू हो जायेगी. नवजात शिशु के लिए बने इस अस्पताल में सभी तरह की आधुनिक उपचार की सुविधा मौजूद है. सब कुछ ठीक रहा तो यह अस्पताल एक सप्ताह के अंदर काम करना शुरू कर देगा. करीब 75 लाख की लागत से बने इस अस्पताल में 12 रेडियंट वार्मर समेत अन्य उपकरण लगाये गये है. यह अस्पताल जिले का पहला एसएनसीयू होगा.

जहां नवजात बच्चों में होने वाले रोगों का समुचित इलाज होगा. यानी नवजात शिशु के इलाज के लिए अब जिलेवासियों को जिला से बाहर नही जाना होगा. एसएनसीयू में शून्य से 28 दिन तक के आयु वर्ग के गंभीर बिमारी से ग्रसित नवजात शिशुओं का समुचित ईलाज की सुविधा है. यह भवन पूरी तरह हाइटेक व सभी सुविधाओं से लैस है. जिले में बच्चों के मृत्युदर कम करने के लिए यह अस्पताल रामबाण साबित होगा और सदर अस्पताल सहित अन्य अस्पताल व निजी चिकित्सालय में प्रसव के बाद बीमार पड़ने नवजात शिशु के उपचार के लिए परिजनों को अब भटकना नही पड़ेगा. लेकिन इस अस्पताल को चालू करने में फिलवक्त बिजली विभाग आड़े आ रही है. यूं कहा जाय तो बिजली विभाग की अनदेखी के कारण यह अस्पताल शुरू नहीं हो पा रहा है. जिससे रोजाना कई नवजात इलाज के अभाव में काल के गाल में समा रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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