न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने पर श्रमिक करें शिकायत, होगी कार्रवाई

श्रम अधिकार दिवस पर ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर आयोजित, अपने अधिकारों से अवगत हुए श्रमिक

श्रम अधिकार दिवस पर ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर आयोजित, अपने अधिकारों से अवगत हुए श्रमिक औरंगाबाद ग्रामीण. श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा श्रम अधिकार दिवस पर डीआरसीसी सभागार में श्रम अधिकार दिवस सह ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. अध्यक्षता मगध प्रमंडल गयाजी के उप श्रमायुक्त विनोद कुमार ने की. शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं बिहार गीत के सामूहिक गायन के साथ किया गया. कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक प्रियंका, भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह, नवीनगर जिला परिषद सदस्य सह भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री हरि राम, निर्माण संघ के जिला मंत्री अभय कुमार, राकेश कुमार सहित सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी उपस्थित रहे. साथ ही जिले के प्रत्येक प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में श्रमिकों ने शिविर में भाग लिया. मंच संचालन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी संजीव कुमार एवं विजेंद्र सिंह द्वारा किया गया. शिविर के दौरान श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न अधिनियमों एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गयी. इसमें बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना-2011, बिहार प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना-2008, ई-श्रम पोर्टल, श्रमयोगी मानधन योजना, बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम-1986, बंधुआ मजदूर अधिनियम, कर्मकार प्रतिकर अधिनियम तथा ग्रेच्युटी अधिनियम शामिल रहे. उप श्रमायुक्त विनोद कुमार ने कर्मकार प्रतिकर अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि कार्य के दौरान श्रमिक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके सभी योग्य आश्रितों को समान रूप से अनुदान राशि प्रदान की जाती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी संस्थान में पांच वर्ष या उससे अधिक अवधि तक कार्य करने वाले श्रमिक को सेवा समाप्ति की स्थिति में नियोजक द्वारा ग्रेच्युटी का भुगतान करना अनिवार्य है. भुगतान नहीं होने पर संबंधित श्रमिक उप श्रमायुक्त कार्यालय, गया में आवेदन कर सकते हैं. श्रम अधीक्षक प्रियंका ने बताया कि सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर निर्धारित की गई है, जिसका पालन नियोजकों के लिए अनिवार्य है. न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने की स्थिति में श्रमिक विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रवासी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर विभाग द्वारा चार लाख रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है. कार्यक्रम में जिला समेकित संसाधन केंद्र, औरंगाबाद के सहायक प्रबंधक सहित विभागीय कर्मी भी उपस्थित थे.

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Published by: Sujit kumar

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