Aurangabad 11 Thousand Volt Wire Shock Woman Dead : औरंगाबाद जिले के रफीगंज अनुमंडल अंतर्गत पौथू थाना क्षेत्र के अल्पा गांव में मंगलवार की देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया. खेत से काम कर लौट रही महिला मजदूरों के समूह पर मौत बनकर गिरे बिजली के तार ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. इस हादसे में 40 वर्षीय महिला मजदूर देवंती देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिलाएं झुलस गईं. घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है.
मृतका देवंती देवी अपने पीछे पति कमलेश पासवान, दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गई हैं. घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं.
धान रोपाई कर लौट रही थीं महिलाएं
जानकारी के अनुसार, अल्पा गांव की करीब 13 से 14 महिला मजदूर मंगलवार को गांव के बधार में धान की रोपाई करने गई थीं. दिनभर खेत में काम करने के बाद सभी महिलाएं शाम को पैदल अपने-अपने घर लौट रही थीं.
इसी दौरान रास्ते में 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार पहले से टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था. अंधेरा होने की वजह से किसी की नजर उस तार पर नहीं पड़ी और महिलाएं सीधे उसकी चपेट में आ गईं.
तीन महिलाएं आईं करेंट की चपेट में
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवंती देवी के साथ परमा साव की पत्नी और अजय पासवान की पत्नी भी करंट की चपेट में आ गईं. तेज करंट लगते ही तीनों महिलाएं जमीन पर गिर पड़ीं और वहां अफरा-तफरी मच गई.
साथ चल रही अन्य महिलाएं किसी तरह अपनी जान बचाकर गांव पहुंचीं और तुरंत परिजनों को सूचना दी. इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया.
अस्पताल ले जाने से पहले ही हो चुकी थी मौत
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और देवंती देवी को अचेत अवस्था में इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. वहीं, झुलसी दोनों महिलाओं का इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
घटना की जानकारी मिलते ही पौथू थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया.
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
इस हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. गांव के लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह दर्दनाक घटना हुई है. उनका कहना है कि 11 हजार वोल्ट का तार पहले से टूटा हुआ था, लेकिन उसे हटाने या मरम्मत करने की कोई पहल नहीं की गई.
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती या तार को ठीक कर दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था. लोगों ने मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
