नगर थाना क्षेत्र के पिपरडीह और कामा बिगहा मोड़ के बीच बुधवार रात हुई घटना
ढिबरा थाने में पदस्थापित महिला सब इंस्पेक्टर जमुई जिले के लछुगाई थाने के भुल्लो गांव की रहनेवाली थीऔरंगाबाद ग्रामीण. राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर नगर थाना क्षेत्र के पिपरडीह और कामा बिगहा मोड़ के बीच बुधवार रात करीब 9:30 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से ढिबरा थाना में पदस्थापित महिला सब इंस्पेक्टर की मौत हो गयी. इस घटना में स्कूटी सवार एक सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हो गया. मृतका की पहचान जमुई जिले के लछुगाई थाना क्षेत्र के भुल्लो गांव निवासी दशरथ मेहता की पुत्री रिंकी कुमारी के रूप में हुई है. जख्मी सिपाही भीम कुमार सिंह भी ढिबरा थाना में पदस्थापित है. जानकारी के अनुसार, रिंकी कुमारी केस के सिलसिले में स्कूटी से औरंगाबाद न्यायालय पहुंची थी. काफी विलंब होने के बाद वह सिपाही के साथ ढिबरा थाना लौट रही थी. पिपरडीह व कामा बिगहा के बीच अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वह दुर्घटनाग्रस्त हो गयी और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी. चर्चा है कि उजले रंग की कार से टकराने के बाद उनकी बाइक डिवाइडर से भी टकरायी. दुर्घटना के बाद आसपास के कुछ युवाओं ने रिंकी और भीम को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने रिंकी को मृत घोषित किया.
पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल और अस्पताल का लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल, डीएसपी आकाश कुमार, ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार सहित विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली. सदर अस्पताल में एसपी काफी देर तक रहे और रात में ही पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी करायी गयी.
अधिकारियों और जवानों ने दी अंतिम सलामी
गुरुवार को एसआई का पार्थिव शरीर पुलिस केंद्र में ले जाया गया, जहां अधिकारियों और पुलिस के तमाम पदाधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. परिजनों की उपस्थिति में महिला एसआई को अंतिम सलामी दी गयी. रिंकी कुमारी वर्ष 2020 बैच की दारोगा थीं. पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल की आंखें नम थीं. प्रशिक्षु डीएसपी अभिषेक कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान, ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार, डीएसपी आकाश कुमार, एसडीपीओ दो चंदन कुमार और नगर थाना प्रभारी थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने भी शोक व्यक्त किया.
पिपरडीह मोड़ : लगातार हो रही दुर्घटनाएं
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित पिपरडीह मोड़ बेहद खतरनाक बन गया है. यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं. चार दिन पहले राजद नेता के भाई की मौत हुई थी, वहीं कुछ माह पहले आनंदपुरा गांव के दो व्यक्तियों की मौत हुई थी. पिछले छह माह में आधे दर्जन लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल होकर इलाज करा चुके हैं या इलाजाधीन हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थान अब एक बड़े ब्लैक स्पॉट के रूप में तब्दील हो चुका है.
