उच्च रक्तचाप, मधुमेह व अन्य बीमारियों के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक

सुदूर इलाके के लंगुराही में पहुंची मेडिकल टीम, ग्रामीणों ने करायी जांच

औरंगाबाद ग्रामीण. मदनपुर प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र लंगुराही में शनिवार को सदर अस्पताल के गैर संचारी रोग (एनसीडी) विभाग की स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान टीम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक परामर्श व दवा वितरण किया. स्वास्थ्य टीम जब लंगुराही गांव पहुंची तो सामने आया कि यह इलाका आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है. गांव में यातायात की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहीं मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण ग्रामीणों को आपात स्थिति में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद ग्रामीणों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है. आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर लंगुराही की सीएचओ रेणु कुमारी के साथ सदर अस्पताल की डॉ फैजा, डॉ कुमार अजितेष व स्वास्थ्य कर्मी चंदन कुमार ने गांव में शिविर के माध्यम से आमजन व रोगियों की जांच की. टीम ने विशेष रूप से गैर संचारी रोगों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह व अन्य दीर्घकालिक बीमारियों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया. डॉक्टरों ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार के रोग के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य उपकेंद्र या सरकारी अस्पताल में संपर्क करें, ताकि समय रहते जांच, परामर्श और इलाज संभव हो सके. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में इलाज होने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. डॉ कुमार अजितेष ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सक्रिय है और हर घर तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. लंगुराही जैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इन इलाकों में भी शहरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. स्वास्थ्य शिविर के दौरान ग्रामीणों के बीच आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत महसूस की. स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य टीम के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने की मांग की. जिस इलाके में आज सदर अस्पताल की टीम जांच करने पहुंची, उस इलाकें में ग्रामीण चिकित्सक भी कम ही मिलते हैं. वहां सुविधा का घोर अभाव है. जहां पहले नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था. वहां के लोग अब जागरूक हो रहे हैं.

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