अतिक्रमण हटाने का नोटिस मिलने पर ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय पर किया प्रदर्शन

सीओ ने 20 लोगों को अतिक्रमण हटाने का दिया था निर्देश

सीओ ने 20 लोगों को अतिक्रमण हटाने का दिया था निर्देश

अंबा. कुटुंबा प्रखंड के मंसारा गांव के ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने का नोटिस मिलने के बाद प्रखंड कार्यालय के समक्ष हंगामा किया. सीओ कुटुंबा ने 20 लोगों को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था. इनमें 17 मंसारा गांव के हैं, जबकि दो कुसमा बसडीहा और एक चोरहा टोला सैद बिगहा का निवासी है. मंगलवार को दर्जनों ग्रामीण प्रखंड कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व पंचायत सदस्य राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि मंसारा गांव में लगभग 100 लोग घर बनाकर रहते हैं. यह सभी हाल ही में नहीं बल्कि कई पीढ़ियों से यहाँ निवास कर रहे हैं. इनमें कई भूमिहीन हैं और उन्हें नोटिस दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकारी प्रावधान के अनुसार अतिक्रमण हटाने से पहले भूमिहीनों के लिए आवास की व्यवस्था करनी चाहिए. आवेदन देने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

मामले की पृष्ठभूमि

मंसारा गांव में अतिक्रमण को लेकर उच्च न्यायालय पटना में सीडब्ल्यूजेसी 6094/2015 में आदेश पारित किया गया था. अंचल कार्यालय कुटुंबा में खाता संख्या 54, खेसरा संख्या 294 की भूमि पर अतिक्रमण वाद दर्ज किया गया और इसे सार्वजनिक घोषित किया गया. अंचलाधिकारी चंद्र प्रकाश ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में ग्रामीणों को पहले 18 अक्टूबर तक, फिर 10 दिसंबर तक अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया, लेकिन ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं की. वर्तमान में एमजेसी नंबर 2975 अतिक्रमण मामले में विचाराधीन है.

अल्टीमेटम का असर

अंचल कार्यालय ने बुधवार को अतिक्रमण हटाने की अंतिम तिथि दी है. नोटिस के अनुसार, यदि ग्रामीण खुद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो प्रशासन कार्रवाई करेगा और खर्च भी उनसे वसूला जाएगा. ग्रामीण चिंतित हैं कि जबरन हटाए जाने पर ठंड में वे खुले आसमान के नीचे रह जाएंगे.

नोटिस प्राप्त ग्रामीणों की सूची

मंसारा गांव के सरजू मिस्त्री, उपेंद्र मिस्त्री, राजेश चौधरी, रामचंद्र चौधरी, विनय चौधरी, जमालु शाह, कमरुद्दीन शाह, विजय साव, बृजमोहन साव, दुखी चौधरी, बेगम राम, राजेंद्र लाल, अंबिका लाल, सत्यनारायण लाल, देवबरन राम, मनोज राम, रामवरण महतो. कुसमा बसडीहा के ब्रजेंद्र लाल, ब्रजेश लाल व चोरहा टोला सैद बिगहा के उमेश प्रसाद शामिल है. इन ग्रामीणों का कहना है कि सभी भूमिहीन हैं और पूर्वजों से यहाँ निवास कर रहे हैं. प्रशासन द्वारा एकाएक घर खाली करने का निर्देश देने से वे गंभीर रूप से परेशान हैं. पूर्व पंचायत सदस्य ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खडीहा गांव निवासी राणा प्रमोद सिंह ने अतिक्रमण को लेकर न्यायालय में मामला दर्ज कराया था. सरकारी प्रावधान के अनुसार भूमिहीनों के लिए पहले आवास की व्यवस्था करनी चाहिए, जो अनुपालित हो रहा है.

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By SUJIT KUMAR

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