एक साथ जन्म, एक साथ विदाई, 90 साल की उम्र में भी नहीं टूटा साथ, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के चिल्हकी गांव में 90 वर्षीय जुड़वा भाइयों की भावुक घटना सामने आई है. एक भाई की मौत का सदमा दूसरा भाई सहन नहीं कर सका और आधे घंटे के भीतर उसने भी दम तोड़ दिया. दोनों भाइयों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया.

By Paritosh Shahi | January 2, 2026 7:43 PM

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड के चिल्हकी गांव में एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां 90 वर्ष के जुड़वा भाई सुखलाल प्रजापति और मथुरा प्रजापति ने एक ही दिन दुनिया को अलविदा कह दिया. दोनों भाइयों का जन्म भी एक साथ हुआ था और मृत्यु भी एक ही दिन हुई.

क्या बोले परिजन

परिजनों के अनुसार सुखलाल प्रजापति काफी समय से बीमार थे और लंबे समय से बिस्तर पर ही पड़े रहते थे. उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी. वहीं उनके जुड़वा भाई मथुरा प्रजापति उम्र के असर के बावजूद चल-फिर रहे थे और भाई की देखभाल में हमेशा साथ रहते थे.

शुक्रवार की दोपहर सुखलाल प्रजापति का निधन हो गया. घर में मातम छा गया और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए. जैसे ही यह खबर उनके भाई मथुरा प्रजापति को मिली, वे गहरे सदमे में चले गए. भाई के जाने का दुख वे सहन नहीं कर सके. सुखलाल की मौत के करीब आधे घंटे बाद मथुरा प्रजापति ने भी दम तोड़ दिया.

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गांव के लोग बोले- दोनों भाई में बहुत प्रेम था

दोनों भाइयों की मौत की खबर पूरे गांव में तेजी से फैल गई. यह सुनकर ग्रामीण भी भावुक हो उठे. लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच बहुत गहरा लगाव था. वे हमेशा साथ रहते थे और एक-दूसरे का सहारा बने रहते थे.

परिजनों ने दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार एक साथ किया. एक ही चिता पर दोनों को मुखाग्नि दी गई. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं. गांव में इस घटना को लेकर शोक और भावनाओं का माहौल बना रहा.

आज के समय में जब रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, ऐसे में जुड़वा भाइयों की यह कहानी लोगों को रिश्तों की अहमियत याद दिलाती है. जीवन भर साथ निभाने वाले इन भाइयों ने मरते समय भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा.

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