हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास

तीनों हत्यारोपी को एक अगस्त को भादंवि की धारा 302 में दोषी करार देते हुए बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था. अभियोजन की ओर से सात गवाही हुई थी

औरंगाबाद शहर. औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के जिला जज पांच न्यायाधीश उमेश प्रसाद ने कासमा थाना कांड संख्या -08/03, सत्रवाद -139/2005, 87/25 में सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए सजा सुनायी है. एपीपी देवीनंदन सिंह ने बताया कि कासमा थाना के भदुकीकला टोले बांके बिगहा निवासी अभियुक्त चंद्रमन यादव, कमलेश यादव और सुरेश उर्फ सुदेश यादव को भादंवि की धारा 302/34 में आजीवन कारावास की सजा और दस हजार रुपए जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त साधारण कारावास होगी. तीनों हत्यारोपी को एक अगस्त को भादंवि की धारा 302 में दोषी करार देते हुए बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था. अभियोजन की ओर से सात गवाही हुई थी. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि न्यायालय में सजा की बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने हत्या जैसे जघन्य कृत्य के लिए अधिकतम सजा की मांग की. बचाव पक्ष ने कहा अन्य दो अभियुक्त ध्रुव यादव और देवनंदन यादव की मृत्यु अभियोजन काल में हो गई है. दोषी करार अभियुक्तों को कम से कम सजा दी जाए. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सजा सुनाई है. अधिवक्ता ने आगे बताया कि प्राथमिकी सूचक उसी गांव के वीरेंद्र यादव ने 28 अप्रैल 2003 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें कहा था उनके भाई सुरेंद्र यादव सुबह आठ बजे अपने खलिहान में गये थे. पूर्व से घात लगाए अभियुक्तों ने लाठी-डंडे व भाला से मारपीट की थी. शोर होने पर अभियुक्त फरार हो गये. उसके बाद जख्मी की मौत हो गयी थी. घटना के पीछे का कारण शीशम का पेड़ और जमीनी विवाद था.

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By Sudhir kumar singh

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