जिला पर्षद की जमीन को विकसित कर बढ़ाये जायेंगे आय के स्रोत : मंत्री

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने प्रेसवार्ता कर जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी

औरंगाबाद ग्रामीण. सूबे के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने सोमवार को जिला अतिथि गृह में प्रेसवार्ता कर जिले में चल रहे पंचायती राज से जुड़े विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी. बताया कि राज्यभर में जिलेवार कार्यक्रमों का दौर चल रहा है. इसी क्रम में वे दो दिनों तक औरंगाबाद प्रवास पर हैं. विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी. मंत्री ने बताया कि प्रवास के दौरान पंचायत सरकार भवनों का निरीक्षण किया गया. निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले जनप्रतिनिधियों से संवाद किया गया. जिला पर्षद की भूमि का बेहतर उपयोग कर विकास और रोजगार सृजन के विषय पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि जिला पर्षद के पास लगभग 50 एकड़ भूमि रिक्त है, जिसके समुचित विकास से आय के स्रोत बढ़ाये जा सकते हैं. डीएम को प्रतिवेदन सौंपा गया है. साथ ही अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने का निर्देश दिया गया है. जिन दुकानों पर किराये की प्राप्ति नहीं हुई है, उनका भी प्रतिवेदन पदाधिकारियों से मांगा गया है. मंत्री ने कहा कि पंचायत सरकार भवन मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है. औरंगाबाद जिले की 202 पंचायतों में से 76 पंचायतों में पंचायत सरकार भवन क्रियाशील हैं, जबकि 126 भवन अभी अपूर्ण हैं. इन अपूर्ण भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. जहां भूमि विवाद के कारण मामले न्यायालय में लंबित हैं, वहां वैकल्पिक भूमि की तलाश करने को कहा गया है.

जिले में 30200 सोलर लाइट लगाने का लक्ष्य

सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बताया कि औरंगाबाद जिले में 30200 सोलर लाइट लगाने का लक्ष्य है, जिसमें से अब तक 22 हजार लाइट का अधिष्ठापन हो चुका है. शेष लाइट मार्च तक लगाने का आदेश दिया गया है. साथ ही पदाधिकारियों को औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने बताया कि कन्या विवाह मंडप मुख्यमंत्री का दूसरा ड्रीम प्रोजेक्ट है. जिले में 46 विवाह मंडपों को स्वीकृति दी जा चुकी है और अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. आरटीपीएस केंद्रों पर आमलोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने, कर्मियों की ड्यूटी और कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने को लेकर भी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. मंत्री ने कहा कि जिले में उपयोगिता प्रमाण पत्र की कुल लंबित राशि पहले 880 करोड़ रुपये थी. शेष 200 करोड़ रुपये रह गया है. शेष राशि को मार्च तक निपटाने का निर्देश दिया गया है. विभागों में कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमीटरिक प्रणाली लागू की जाएगी. प्रतिनियुक्ति पर गए कर्मियों को मूल पदस्थापन पर लौटने का निर्देश दिया गया है. साथ ही रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार को आवश्यक डेटा भेजा जायेगा. पंचायती राज मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं. इसमें कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे. नया आरक्षण रोस्टर लागू होगा और नई तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा.

तकनीक के माध्यम से होगा मतदान

मंत्री ने कहा कि चुनाव में फेसियल रिकॉग्नाइजेशन तकनीक के माध्यम से मतदान की व्यवस्था की जाएगी, जिससे हिंसा और भगदड़ पर रोक लगेगी. मंत्री ने कहा कि पंचायतों के अधिकार बढ़ाये गये हैं और यदि अधिनियम का सही अनुपालन होता है, तो पंचायती राज व्यवस्था सामाजिक क्रांति लाने में सक्षम होगी. इस दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पटेल, जिलाध्यक्ष अशोक कुशवाहा, उदय कुमार सिंह, अमर उजाला, विंध्याचल सिंह, अजय कुशवाहा, रश्मि कुशवाहा, निर्भय पासवान, विनीत कुशवाहा, पैक्स अध्यक्ष मुकेश कुशवाहा, मुखिया अरुण मेहता, रोहित मेहता, जितेंद्र कुशवाहा, भोला मेहता, राजीव रंजन उर्फ राजा बाबू सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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