आवास योजना में 63 लाभुकों का कोड नहीं हो रहा जेनरेट

नहीं मिल पा रहा मजदूरी का पैसा, भुगतान पाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहे मजदूर

नहीं मिल पा रहा मजदूरी का पैसा, भुगतान पाने के लिए दर-दर गुहार लगा रहे मजदूर दाउदनगर. गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण चलाया जा रहा है. इसके अंतर्गत लाभुकों का चयन कर उन्हें मकान निर्माण करने के लिए राशि प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें पक्का मकान उपलब्ध हो सके. सूत्रों से पता चला कि इसके लिए उन्हें सरकार द्वारा तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार की राशि दी जाती है. 40- 40 हजार के तीन किस्तों में यह राशि प्रदान की जाती है. मनरेगा के तहत 18 हजार रुपया मजदूरी मद में दिया जाता है. दाउदनगर प्रखंड के शमशेर नगर पंचायत में दो वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चयनित 63 लाभुकों का मजदूरी भुगतान से संबंधित आइए वाई वर्क कोड जनरेट नहीं हो पाया है. मनरेगा के तहत मजदूरी का पैसा भुगतान होता है. इसके कारण उन्हें मजदूरी भुगतान नहीं हो पाया है. यह मजदूरी भुगतान करने वाला कोड है. शमशेर नगर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजू कुमार ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 175 लाखों का आवास स्वीकृत हुआ था, इनमें से 23 लोगों का कोड जनरेट नहीं हो पाया, जिसके कारण उन्हें मजदूरी भुगतान नहीं हो पाया है. वर्ष 2025-26 में 149 लाभुकों का आवास स्वीकृत हुआ था. इनमें से 40 का कोड जनरेट नहीं हो पा रहा है. इसके कारण इन लोगों को मजदूरी का पैसा नहीं मिल पाया है. सरकार द्वारा 95 दिन की मजदूरी का पैसा लाभुकों को दिया जाता है. मुखिया प्रतिनिधि ने बताया कि जिन लोगों का कोड जनरेट नहीं हो पाया है उनमें से अधिकांश के मकान का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है. शमशेर नगर निवासी रेशमी देवी, महारानी बिगहा निवासी सरस्वती कुमारी, शमशेर नगर निवासी विजांती देवी, संजय चौधरी, पार्वती देवी, मालती देवी, मेवा बिगहा निवासी सुनीता देवी, प्रमिला देवी, बसंती देवी, सुमित्रा देवी सहित कई ऐसे लाभुक हैं जो कोड जनरेट होने का इंतजार कर रहे हैं. ताकि, उनके खाते में मजदूरी का पैसा जा सके. ये लाभुक कई दिनों से प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, तो कभी मुखिया से अपनी बात कह रहे हैं. ग्रामीण आवास विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मकान निर्माण करने वाले लाभुकों को उनके विभाग से तीनों किस्त की राशि दी जा रही है. लेकिन, मनरेगा से जब तक मनरेगा से मजदूरी का भुगतान नहीं होगा, तब तक हाउस कंप्लीट नहीं माना जायेगा. बीडीओ मो जफर इमाम ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से कुछ लाभुकों का कोड जनरेट नहीं हो पाया है. इस संबंध में विभागीय स्तर पर अवगत कराया गया है. उम्मीद है कि जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी.

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By SUJIT KUMAR

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