अंबा. कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत पंचदेव धाम चपरा में आयोजित दुर्गा वाहिनी का त्रिदिवसीय प्रशिक्षण वर्ग सोमवार को संपन्न हुआ. तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण वर्ग में बिहार के विभिन्न जिलों से आई 45 महिलाओं एवं युवतियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान आत्मरक्षा, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, संगठन संचालन और सामाजिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष अभ्यास कराया गया. प्रशिक्षण संपन्न होने के उपरांत सोमवार की देर शाम धाम परिसर में सम्मान समारोह आयोजित कर प्रशिक्षणार्थियों को धाम का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया. समापन सत्र को केंद्रीय सह प्रमुख पिंकी पवार, पटना क्षेत्र संयोजिका डॉ शोभा रानी सिंह, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य रंजीत कुमार, जिला सह मंत्री नवीन पाठक, उत्तर बिहार प्रांत संयोजिका शिवानी कुमारी, दक्षिण बिहार प्रांत संयोजिका पिंकी कुमारी, झारखंड प्रांत संयोजिका कीर्ति गौरव, झारखंड प्रांत सह संयोजिका एनिमा पांडेय, मुंगेर जिला सेवा प्रमुख सरिता कुमारी आदि ने संबोधित किया. वक्ताओं ने कहा कि अब घर और समाज की बेटियां भी अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए आगे आयेंगी. बदलते समय में महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और संगठित होना बेहद जरूरी है. प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा का ज्ञान देना नहीं बल्कि समाज में महिलाओं को नेतृत्व करने की प्रेरित करना भी हैं. धाम के संस्थापक अशोक सिंह ने कहा कि नारी शक्ति सदैव से साहस, करुणा, त्याग और पराक्रम की प्रतीक रही है. महिलाओं को अपने भीतर की शक्ति को पहचान कर समाजहित में कार्य करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि पंचदेव धाम हमेशा सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े आयोजनों का केंद्र बना रहेगा. समाजसेवी त्रिलोकीनाथ बागी ने कहा कि अब हमारे घर की बेटियां भी हर तरह से मजबूत होगी.
प्रशिक्षणार्थी ने कहा, हमें सशक्त बनने का मिला है संदेश
समापन समारोह में प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें सशक्त बनने का संदेश मिला है. आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सीखने के साथ-साथ नेतृत्व और अनुशासन का महत्व भी समझने का अवसर मिला. प्रशिक्षण के दौरान दंड, नियुद्ध, योग, व्यायाम, खेल, समूह संचालन तथा अनुशासन संबंधी अभ्यास कराए गए, जिससे हम महसूस हुआ कि हम किसी से कम नहीं है. धाम समिति की ओर से सुनील त्रिपाठी ने विधि-व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटे रहे.
