ओबरा. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रायपुरा शतचंडी पहाड़ से जिस अज्ञात महिला का शव पुलिस ने बरामद किया था उसकी पहचान हो गयी है. मृतका के शव की पहचान उसके परिजनों द्वारा की गयी. वैसे उसकी पहचान ओबरा प्रखंड के महुआंव गांव निवासी महेंद्र साव की पत्नी गीता देवी के रूप में की गयी है. बड़ी बात यह है कि शव की पहचान होने के बाद हत्या को बल मिला है. जानकारी मिली कि महिला रविवार को आर्द्रा नक्षत्र का दर्शन करने देव स्थित सूर्य मंदिर गयी थी. मंदिर में दर्शन-पूजन के दौरान वह परिजनों से बिछड़ गयी थी. परिजनों की माने तो महिला रविवार की सुबह सात बजे अपने टोले के महिला सोनमती कुमारी, कांति देवी, लीलावती देवी, मनी देवी के साथ आर्द्रा मेला घूमने गयी थी. लगभग 11 बजे दिन में पोखरा पर किसी कारण बस अचानक भगदड़ हुई, जिसमें गीता देवी अपनी टोली से बिछड़ गयी. साथ रहे लोगों ने काफी देर तक खोजबीन की. जब वह नहीं मिली तो लोगों ने सोचा कि वह घर चली गयी होगी. यह सोच उक्त महिलाएं भी अपने गांव महुआंव चली गयी, लेकिन जब वे सभी घर पहुंचे तो पता चला कि महिला घर नहीं पहुंची है. इसके बाद साथ गयी महिलाओं ने उसके परिजनों से भगदड़ की बात बतायी. परिजन गीता की खोजबीन करने लगे. इधर, मंगलवार को शतचंडी पहाड़ पर मुफस्सिल थाने की पुलिस द्वारा एक अज्ञात महिला का शव बरामद किये जाने की सूचना परिजनों को मिली. परिजन पहुंचे तो शव की पहचान गीता देवी के रूप में की. शव देखते ही परिजन चीत्कार उठे. मन में एक ही आशंका है कि आखिर महिला देव से गायब कैसे हुई और उसका शव पहाड़ से कैसे मिला. परिजनों ने गीता देवी की हत्या की आशंका जतायी है. वैसे परिजनों ने औरंगाबाद एसपी से जांच कर कार्रवाई की मांग की है.
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