पुण्यतिथि पर याद किये गये स्वामी विवेकानंद

विवेकानंद विजन आइडियल पब्लिक स्कूल में आयोजित हुआ कार्यक्रम

औरंगाबाद कार्यालय. शहर के विवेकानंद विजन आइडियल पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि मनायी गयी. निदेशक डॉ शंभू शरण सिंह, चेयरमैन मनीष वत्स, उपप्राचार्य संजीव कुमार, समन्वयक सूची कुमारी ने स्वामी जी के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया. प्रार्थना सभा में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक ने कहा कि वे एक महान युगद्रष्टा संत थे. जिनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी है. युवाओं और विद्यार्थियों के लिए तो विवेकानंद आदर्श है. उनके विचारों को अंगीकार कर हम अपने जीवन में सफल हो सकते हैं. विवेकानंद जी को पढ़ने से हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का स्वतः ही संचार होता है. उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार विगत दो दशकों से विवेकानंद की पुण्यतिथि आत्मोदय अभियान के रूप में मनाता आया है, जिसमें छात्र-छात्राएं आसपास के गांव यारी, लाल बिगहा, दधपा, नरसी, महुआवां, बसडीहा, आनंदपुरा आदि में जाकर पौधारोपण करते हैं तथा समाज के विभिन्न लोगों के साथ पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, प्रदूषण, स्वच्छता, स्वास्थ आदि मुद्दे पर बात कर उन्हें इनके प्रति जागरूक करते है. इधर, छात्रों के बीच संभाषण, पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. चेयरमैन मनीष वत्स ने कहा कि विवेकानंद जी का कहना था कि शिक्षा मनुष्य का गहना है, इसके होने से तमाम समस्या का स्वतः समाधान मिल जाता है. विवेकानंद जी के सपनों को साकार करने की दिशा में विवेकानंद ग्रुप के विद्यालय अनवरत लगे हुए हैं. उन्होंने छात्रों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक प्रयास की अपील की. कहा कि आज पर्यावरण संकट एक वैश्विक समस्या बन गयी है. प्रदूषण, ग्लोवल वार्मिंग, भू जल स्तर का नीचे जाना आदि समस्याओं का निराकरण तब तक नही हो सकता जब तक इनमे आम आदमी की भागीदारी न हो. अतः इन्हें संरक्षित कर मानव सभ्यता को बचाना हमारा नैतिक कर्तव्य बन जाता है. इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों के बीच आम, आंवला, महोगनी, कटहल, नींबू, शरीफा, बेल आदि के पौधों का वितरण किया गया तथा उन्हें संरक्षित करने की शपथ दिलायी गई.समन्वयक सूची कुमारी ने कहा कि निजी स्वार्थ के त्याग से ही हम महान बन सकते हैं.हम सभी को विवेकानंद जी के बताये रास्ते पर चलकर भारत को शीर्षस्त देशों में लाना है. इसके लिए हम सबका योगदान जरूरी है. इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार ने स्वामी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को जानकर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया.

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By SUJIT KUMAR

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