Aurangabad News : औरंगाबाद राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के स्टार्टअप सेल की ओर से विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ‘‘स्केल-अप एवं मार्केट एक्सेस’’ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सभागार में किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों को स्टार्टअप शुरू करने, उसे बाजार तक पहुंचाने, फंडिंग जुटाने और व्यवसाय का विस्तार करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.
उद्यमिता रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम : प्राचार्य
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मणि, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक संजीव कुमार, स्टार्टअप सेल के प्रभारी प्रो. आनंद राज, कोऑर्डिनेटर आनंद कुमार तथा सफल स्टार्टअप संस्थापकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. स्वागत संबोधन में प्राचार्य डॉ. प्रशांत मणि ने कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का एक सशक्त उपकरण बन चुकी है. उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित सोच विकसित करने और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित किया.
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर विचारों को दें व्यवसाय का रूप
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बिहार सरकार और उद्योग विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने युवाओं से सरकारी सहायता और प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने नए विचारों को सफल उद्यम में बदलने का आह्वान किया. स्टार्टअप सेल के प्रभारी प्रो. आनंद राज ने महाविद्यालय में संचालित स्टार्टअप गतिविधियों और उपलब्धियों के साथ बिहार स्टार्टअप नीति के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसरों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि स्टार्टअप सेल का लक्ष्य अधिक से अधिक छात्र स्टार्टअप को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है.
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सफल उद्यमियों ने साझा किए संघर्ष और सफलता के अनुभव
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सफल उद्यमियों की स्टार्टअप जर्नी रही. मगध माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक लैब प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं निदेशक विकास कुमार, मॉरसो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक गोल्डन कुमार, हिंद सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक गुलाम कादिर खान तथा वैप द स्टीम डैश प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अनुराग कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए. उद्यमियों ने स्टार्टअप के दौरान आने वाली चुनौतियों, संघर्ष, असफलताओं और उनसे मिली सीख के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी नए उद्यम को सफल बनाने के लिए धैर्य, निरंतर प्रयास और सही रणनीति आवश्यक है.
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बाजार की समझ और ग्राहक केंद्रित सोच पर दिया जोर
उद्यमियों ने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित सोच, जोखिम उठाने की क्षमता, बाजार की समझ, ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण और निरंतर सीखने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, सही मार्गदर्शन और लगातार प्रयास से सफलता हासिल की जा सकती है. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों ने स्टार्टअप स्थापना, फंडिंग, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, उत्पाद विकास, निवेशकों से संपर्क और व्यवसाय विस्तार से जुड़े सवाल भी पूछे. विशेषज्ञों ने उनके सवालों का विस्तार से जवाब दिया.
प्रतिभागियों और स्टार्टअप संस्थापकों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन पर आमंत्रित स्टार्टअप संस्थापकों को उनके योगदान और प्रेरणादायक सहभागिता के लिए सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया. वहीं कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों, नवोदित उद्यमियों और अन्य प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए. कार्यक्रम का संचालन स्टार्टअप सेल की टीम ने किया. इसमें महाविद्यालय के संकाय सदस्य, विद्यार्थी, स्टार्टअप से जुड़े युवा और उद्यमिता में रुचि रखने वाले प्रतिभागी मौजूद थे.
'स्टार्ट लोकल, स्केल ग्लोबल' की अवधारणा को मिला बढ़ावा
आयोजकों ने कार्यक्रम को युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने, उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सेतु बनाने तथा ‘‘स्टार्ट लोकल, स्केल ग्लोबल’’ की अवधारणा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया.
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