औरंगाबाद: लंबित कांडों के निष्पादन में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, एसपी ने दिए सख्त निर्देश

औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने लंबित अपराध मामलों के निष्पादन में ढिलाई को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. 300 दिनों से अधिक पुराने मामलों, हत्या, मद्यनिषेध और वारंट तामिला की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया है.

Aurangabad News: औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने बुधवार को सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO), पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) एवं सर्किल इंस्पेक्टरों (CI) के साथ अपराध समीक्षा बैठक की. बैठक में जिले के लंबित मामलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया.

300 दिनों से लंबित मामलों और स्पीडी ट्रायल पर फोकस

समीक्षा के दौरान 300 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों, हत्या के कांडों, मद्यनिषेध अधिनियम से जुड़े मामलों, स्पीडी ट्रायल योग्य केसों तथा न्यायालय से निर्गत सम्मन व वारंट के तामिला की प्रगति का आकलन किया गया. इसके अतिरिक्त मई व जून माह के फाइनल फॉर्म, थानावार गिरफ्तारी, मालखाना के भौतिक सत्यापन और एफएसएल (FSL) भेजे जाने वाले लंबित नमूनों की भी अद्यतन स्थिति जानी गई.

समय पर आरोप-पत्र दाखिल करने और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी का निर्देश

एसपी ने सभी अधिकारियों को लंबित केसों का शीघ्र निपटारा करने, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और हत्या व मद्यनिषेध से जुड़े मामलों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि मालखाना का नियमित सत्यापन हो और FSL रिपोर्ट के लिए नमूने तुरंत भेजे जाएं. एसपी ने चेतावनी दी कि अपराध नियंत्रण व अनुसंधान की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >