Aurangabad Obra Son River Flood : औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड के नवनेर गांव के उत्तरी छोर पर बसे विस्थापित दलित परिवारों को सोन नदी में अचानक पानी बढ़ने के कारण बाढ़ की चिंता सताने लगी है. बताया जाता है कि सोन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से करीब 15 दलित परिवारों के सामने परेशानी की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
पनबिजली परियोजना के कारण हुए विस्थापित
जानकारी के अनुसार, हाइड्रो प्रोजेक्ट यानी पनबिजली परियोजना के निर्माण के उद्देश्य से इन परिवारों को प्रशासन द्वारा डीहरा लाख क्षेत्र से विस्थापित किया गया था. विस्थापन के बाद प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध कराते हुए उन्हें पर्चा निर्गत किया गया और नवनेर गांव में बसाया गया. हालांकि, अब इसी विस्थापित स्थल के समीप सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से परिवारों की चिंता बढ़ गई है.
सोन नदी में पानी बढ़ने से डर
विस्थापित परिवारों के जीतन राम, बहुस राम, अनिल राम, रामदेव सिंह, रामदेव राम, सत्येंद्र राम, उपेंद्र राम, रामवृक्ष राम, अनंत राम, सुनील राम, सुरजन राम, विजय राम, संजय राम सहित अन्य लोगों ने बताया कि प्रशासन ने पर्चा देकर उन्हें डीहरा लाख से विस्थापित कर नवनेर में बसाया था. लेकिन सोन नदी में अचानक पानी बढ़ने से उन्हें आशंका है कि कहीं वे बाढ़ की चपेट में न आ जाएं.
मृदा कटाव रोकने की उठाई मांग
परिवारों ने बताया कि सोन नदी के किनारे अधिक पानी आने के कारण मिट्टी का कटाव तेजी से हो रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद निधि से सोन नदी के किनारे कटाव रोकने के लिए बालू से भरी बोरियां उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा उन बोरियों को कटाव वाले स्थान पर नहीं लगाया जा रहा है.
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल पहल करते हुए कटाव और बाढ़ से बचाव के उपाय करने की मांग की है. वहीं, स्थानीय विधायक से भी सोन नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की गई है.
अंचल अधिकारी ने दिया आश्वासन
ग्रामीण विक्की कुमार ने बताया कि हाइड्रो प्रोजेक्ट के निर्माण के कारण डीहरा लाख क्षेत्र से दलित परिवारों को विस्थापित कर नवनेर में बसाया गया था. अब सोन नदी में अचानक पानी बढ़ने से स्थिति भयावह बनी हुई है और परिवारों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है.
इस संबंध में अंचल अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि उक्त क्षेत्र का जायजा लिया जाएगा. इसके बाद वरीय पदाधिकारी से संपर्क कर मार्गदर्शन लिया जाएगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
