Aurangabad News : प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत गुरुवार को समाहरणालय परिसर स्थित नगर भवन में विशेष सोलर परामर्श एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर योजना से जोड़ना, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना तथा सब्सिडी, बैंक ऋण और तकनीकी सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था. कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ.
रूफटॉप सोलर की कार्यप्रणाली और लाभों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं दोनों विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं ने उपस्थित लोगों को रूफटॉप सोलर संयंत्र की कार्यप्रणाली, नेट मीटरिंग, बिजली उत्पादन क्षमता, आवेदन प्रक्रिया, रखरखाव तथा बिजली बिल में होने वाली बचत की विस्तृत जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत केवल सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपकरण लगाए जाते हैं, जिन पर वारंटी और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध रहती है.
जागरूकता की कमी के कारण अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा : डीएम
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना प्रत्येक परिवार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि जिले में योजना का लाभ अपेक्षित संख्या में नहीं पहुंच पाया है, जिसका मुख्य कारण जागरूकता का अभाव है. इसी कमी को दूर करने के लिए विशेष सोलर परामर्श एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया है.
125 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वालों के लिए फायदेमंद योजना
डीएम ने बताया कि राज्य सरकार 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है. लेकिन जिन परिवारों की मासिक खपत इससे अधिक है, वे अपने घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर अतिरिक्त बिजली बिल से काफी हद तक राहत पा सकते हैं. उन्होंने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र औसतन 125 से 130 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है.
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तीन किलोवाट तक 78 हजार रुपये की मिलेगी केंद्रीय सब्सिडी
उन्होंने बताया कि योजना के तहत एक किलोवाट क्षमता पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट तक अधिकतम 78 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी दी जाती है. जरूरतमंद लाभुकों के लिए बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है.
हर पंचायत में कम-से-कम 10 परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने वार्ड और पंचायत क्षेत्रों में कम-से-कम 10 पात्र परिवारों को इस योजना से जोड़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य जिले के प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाना है और इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जाएगा.
जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बढ़ेगा सौर ऊर्जा का उपयोग
उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह ने कहा कि योजना की सबसे बड़ी बाधा जानकारी का अभाव है. जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि सौर ऊर्जा के माध्यम से आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके.
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सफल लाभार्थियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के सफल लाभार्थियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया. लाभुकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सोलर संयंत्र लगने के बाद उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है और कई परिवारों का मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है.
बैंक और सोलर वेंडरों ने दी तकनीकी जानकारी
शिविर में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने ऋण संबंधी जानकारी दी, जबकि अधिकृत सोलर वेंडरों ने उपकरणों की गुणवत्ता, वारंटी, स्थापना प्रक्रिया और सब्सिडी से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, विद्युत विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, सोलर वेंडर तथा बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता उपस्थित रहे.
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