30 जून से एएन रोड–बघोई स्टेशन के बीच बदलेगी सिग्नल प्रणाली

ट्रेनों की रफ्तार और संख्या दोनों में होगी वृद्धि

ट्रेनों की रफ्तार और संख्या दोनों में होगी वृद्धि

औरंगाबाद सदर/फेसर. भारतीय रेल लगातार अपने बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है. ट्रेनों की गति बढ़ाने और परिचालन क्षमता को सशक्त बनाने के लिए नये-नये तकनीकी बदलाव किये जा रहे हैं. इसी क्रम में डीडीयू–गया रेलखंड के अंतर्गत अनुग्रह नारायण रोड और बघोई स्टेशन के बीच की सिग्नल प्रणाली को अब पूरी तरह ऑटोमेटिक किया जा रहा है. फेसर स्टेशन प्रबंधक मनीष कुमार ने जानकारी दी कि 30 जून से यह नया ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम पूरी तरह से प्रभावी हो जायेगा. इससे न केवल ट्रेनों की गति में बढ़ोतरी होगी, बल्कि एक ही रूट पर अधिक संख्या में ट्रेनों का संचालन भी संभव हो पायेगा. उन्होंने बताया कि वर्तमान में सासाराम से एएन रोड स्टेशन के बीच यह प्रणाली सफलतापूर्वक कार्यरत है और अब इसे आगे बघोई स्टेशन तक विस्तारित किया जा रहा है. साथ ही स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि स्टेशन परिसर के अंदर सिग्नल मैन्युअल और ऑटोमेटिक दोनों विधियों से संचालित होंगे, जबकि स्टेशन के बाहर की संपूर्ण रेल पटरी पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली प्रभावी होगी.

क्या है ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली

ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम एक ऐसी स्वचालित प्रणाली है जो ट्रेनों के सुरक्षित और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करती है. इस प्रणाली में रेलवे ट्रैक को छोटे-छोटे ब्लॉक सेक्शन में बाँटा जाता है. हर ब्लॉक के अंत में एक सिग्नल लगा होता है. जब कोई ट्रेन किसी ब्लॉक में प्रवेश करती है तो उस ब्लॉक का सिग्नल स्वतः लाल हो जाता है, जिससे पीछे आने वाली ट्रेन को रुकने का संकेत मिलता है. जैसे ही ट्रेन अगला ब्लॉक पार करती है, पिछला सिग्नल फिर से हरा हो जाता है, जिससे अगली ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति मिलती है. इस तकनीक के माध्यम से एक ही ट्रैक पर ट्रेनों को सुरक्षित दूरी बनाकर तेजी से चलाया जा सकता है. इसका प्रमुख उद्देश्य सुरक्षा, समय की बचत और ट्रेनों की संख्या में वृद्धि है.

ट्रेनों की टक्कर से सुरक्षा और परिचालन में सुधार

इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाये रखती है और किसी भी प्रकार की टक्कर की संभावना को समाप्त करती है. सिग्नल स्वतः बदलते हैं, जिससे मानवीय भूल की संभावना भी नगण्य हो जाती है.

यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

इस तकनीकी बदलाव से ट्रेनों की गति में वृद्धि तो होगी ही, साथ ही परिचालन समय भी सटीक होगा. अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प और सुविधा मिल सकेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >