गोह. देवकुंड थाना की पुलिस इन दिनों विवादों में घिरी है. ताजा मामला बनतारा पंचायत के लक्षु बिगहा गांव निवासी परमानंद साव से जुड़ा है, जिन्होंने देवकुंड पुलिस पर खुलेआम पक्षपात, गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी अंबरीश राहुल को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. परमानंद साव ने एसपी को दिये आवेदन में बताया कि उन्होंने 2024 में बेटी की शादी में खर्च के लिए अपनी जमीन औरानी गांव निवासी सुदर्शन पासवान को बेचने पर विचार किया. बातचीत चल ही रही थी कि एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी करते हुए उक्त जमीन को अपने नाम की बताकर अरवल जिले के किंजर गांव निवासी से एग्रीमेंट कर डाला वो भी दो लाख रुपये प्रति कट्ठा की दर से. एग्रीमेंट छिपाकर, दिया सिर्फ आधा पैसा. परमानंद साव को जब इसकी भनक तक नहीं थी. जब पुलिस के पास गये, तो उसे थाने बुलाकर घंटों बैठाये रखा, गालियां दी और एक कोने में ले जाकर मारपीट भी की. परमानंद का आरोप है कि थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के आने के बाद ही उन्हें थाना से छोड़ा गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने जानबूझकर फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्ति को बचाने की कोशिश की और पीड़ित पर ही दबाव बनाया. इधर पुलिस के पदाधिकारियों ने आरोपों को गलत बताया है.
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