पैक्सों पर 39.57 करोड़ का चावल बकाया, 10 तक आपूर्ति नहीं करने पर होगी एफआईआर

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दी चेतावनी, समितियों पर भादसं और सहकारिता अधिनियम के तहत गबन की कार्रवाई की जायेगी

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दी चेतावनी

समितियों पर भादसं और सहकारिता अधिनियम के तहत गबन की कार्रवाई की जायेगी

औरंगाबाद शहर. खरीफ विपणन मौसम 2024-25 में जिले के किसानों से धान खरीद की प्रक्रिया के बाद राज्य खाद्य निगम को चावल (सीएमआर) की आपूर्ति अब तक बकाया है. विभिन्न पैक्सों पर 39.57 करोड़ रुपये का सीएमआर बकाया है, जिसे जमा करने के लिए 10 अगस्त तक की समयसीमा निर्धारित की गयी है. यदि इस अवधि में पैक्सों द्वारा बकाया सीएमआर जमा नहीं किया जाता है तो कार्रवाई की जायेगी. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि उक्त विपणन सत्र में लगभग 237346.223 मीटरिक टन धान की खरीद की गयी थी, जिसकी कुल अनुमानित राशि 551 करोड़ रुपये रही. इसके बदले 162528.83 मीटरिक टन चावल की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जानी थी. अब तक 150781.667 मीटरिक टन सीएमआर की आपूर्ति हो चुकी है, लेकिन अभी भी 11700.37 मीटरिक टन सीएमआर की आपूर्ति शेष है, जिसकी वित्तीय राशि लगभग 39.57 करोड़ रुपये आंकी गई है. विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शेष सीएमआर की आपूर्ति 10 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए. हालांकि, कुछ समितियों (पैक्सों) द्वारा चावल आपूर्ति की गति अत्यंत धीमी रही है, जिससे समय सीमा में शत-प्रतिशत आपूर्ति पर संदेह उत्पन्न हो गया है. जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में चावल आपूर्ति न करनेवाली समितियों पर भारतीय दंड संहिता और सहकारिता अधिनियम के तहत गबन की कार्रवाई की जायेगी.

इन पैक्सों पर सबसे अधिक सीएमआर बकाया

जिले में लगभग 20 ऐसी पैक्स हैं, जिनके ऊपर सर्वाधिक सीएमआर की आपूर्ति बकाया है. संसा समिति (दाउदनगर) पर 21.03 एमटी, बौर पैक्स (रफीगंज) पर 16.45 एमटी, अकोढा (दाउदनगर) पर 16.32 एमटी, ईटार पैक्स (रफीगंज) पर 15.34 एमटी, अंछा समिति (दाउदनगर) पर 13.88 एमटी, सिंदुवार पर 11.03 एमटी, दधपा पैक्स (कुटुंबा) पर 9.58 एमटी, तोल पैक्स (नवीनगर) पर 9.07 एमटी तथा व्यापार मंडल बारुण पर 8.08 एमटी सीएमआर बकाया है. इसी तरह भोपतपुर पर 8.66 एमटी, रफीगंज के पीपरा पर 7.83 एमटी, ओबरा के करसांव पर 7.78 एमटी, अमिलौना पर 6.64 एमटी, कंचनपुर पर 6.39 एमटी, तेजपुरा पर 6.19 एमटी, गोह के चापुक पर 6.02 एमटी तथा औरंगाबाद के कुरम्हा पर 5.67 एमटी सीएमआर की आपूर्ति शेष है. इन बकाया सीएमआर की वित्तीय राशि लगभग 39.57 करोड़ रुपये आंकी गयी है. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि निर्धारित समय तक बकाया सीएमआर की आपूर्ति नहीं की गयी, तो संबंधित पैक्सों पर सरकारी राशि का गबन मानते हुए कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

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By Sudhir kumar singh

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